प्रदेश सरकार द्वारा जनपद को लोहिया ग्रामीण बसों की दी गई सौगात से यात्रियों को सहूलियत हुई हैं, तो वहीं प्राईवेट बस संचालक को नुकसान भी होता नजर आ रहा है। लोहिया बसों द्वारा यात्रा करना जनपद में लोगों की पहली पसंद बनती जा रही। इस कारण से लोहिया ग्रामीण बसों के संचालन को ठप करने के प्रयास भी तेज हो गए हैं। बात अगर मड़ावरा क्षेत्र में चलने वाली लोहिया ग्रामीण बसों की करें तो परिवहन निगम के कर्मचारी खुद ही बसों के संचालन को बंद करवाने पर आमादा नजर आ रहे हैं। इस बसों में चलने वाले कंडक्टर बस में सफर करने वाले कई यात्रियों के टिकट न बनाकर निगम को चूना लगा रहे हैं तो वहीं मड़ावरा में प्राईवेट बस संचालकों द्वारा भी लोहिया बसों में से जबरदस्ती सवारियां उतारकर अपनी खटारा बसों में लादी जा रही हैं। इससे निगम की आमदनी में घाटा हो रहा है। यहां तक कि मड़ावरा से शाम 5:15 पर ललितपुर जाने वाली लोहिया बस को मड़ावरा बसस्टैंड पर रुकने नहीं दिया जाता अथवा जानबूझकर रोका नहीं जाता, ताकि यात्री बस में न बैठ सके और उन्हें मजबूरन प्राईवेट बसों में धक्के खाना पड़े। ऐसी ही एक कारगुजारी मंगलवार को सुबह 10:40 पर ललितपुर बसस्टैंड से मदनपुर को जाने वाली लोहिया बस में देखने को मिली, जिसमें मड़ावरा, साढूमल तक जाने वाली करीब आधा दर्जन सवारियों के टिकट ही नहीं बनाये गये और उनका किराया कंडक्टर द्वारा अपनी जेब में डाल लिया गया। इस बावत उप्र परिवहन निगम के क्षेत्रीय व्यवस्थापक ने बताया कि परिवहन निगम ग्रामीण क्षेत्रों में लोहिया बसों के सफल संचालन और यात्रियों की सुविधा के लिए सदैव प्रयासरत है, अगर बस कंडक्टर और सचल दल द्वारा कहीं कोई गड़बड़ी की जा रही है तो उसकी भी गोपनीय जांचकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्राईवेट बस संचालकों की मनमानी तथा मिलीभगत रोकने के लिये उन्होंने यात्रियों समेत जिम्मेदार नागरिकों से भी सहयोग करने की अपील की।