टीकमगढ़ के बाद वाले स्टेशनों पर कंप्यूटर टिकट प्रणाली शुरू नहीं होने के चलते जहां स्टेशनों व खजुराहो ट्रेन में बसों की तर्ज पर मैनुअली टिकट वितरण की जा रही है। रेलवे ने बुकिंग क्लर्क को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रेलवे द्वारा गत 18 अक्टूबर को खजुराहो ट्रेन का शुभारंभ शुरू कर दिया गया है, लेकिन टीकमगढ़ के बाद के स्टेशनों पर रेलवे द्वारा स्टाफ की कमी के साथ-साथ कंप्यूटराईज्ड टिकट वितरण प्रणाली भी शुरू नहीं हो सकी है। इसके चलते रेलवे स्टेशनों पर रेलवे द्वारा पहले ही दिन से मैनुअली रसीदें काटकर खजुराहो पैसेंजर ट्रेन की टिकट यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। लेकिन इस टीकमगढ़ के बाद खजुराहो रेलवे स्टेशन तक पहली बार रेल का संचालन शुरू हुआ है, जिसके चलते लोगों को यात्रा के दौरान बिना टिकट यात्रा करने में काफी अज्ञानता व नासमझी है, जिसे दूर करने के लिए रेलवे ने लोगों को टिकट लेकर यात्रा करने और रेल नियमों की जानकारी से अवगत कराने के लिए ट्रेन में यात्रियों को टिकट दिलाने की व्यवस्था कर दी है। रेलवे ने इसके लिए ललितपुर से खजुराहो और खजुराहो से ललितपुर तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन में मैनुअली रसीद टिकट वितरण के लिए तैनात किया गया है, जो रोजाना ट्रेन में चलने वाले यात्रियों को निर्धारित रेलवे स्टेशनों तक यात्रा की टिकट मुहैया कराई जा रही है। जो यात्री टिकट लेना भूल जा रहे हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलने से यात्रा आसान हो जा रही है और टीटी द्वारा टिकट चेकिंग के दौरान उन्हें अनावश्यक परेशान भी नहीं होना पड़ रहा है। वहीं, रेलवे को भी इससे राजस्व की प्राप्ति हो रही है। वहीं, टीकमगढ़ के बाद वाले स्टेशनों पर अब तक कंप्यूटराज्ड टिकट वितरण प्रणाली का कांट्रेक्ट होने तक यह प्रणाली शुरू की गई है। हालांकि रेलवे द्वारा ललितपुर से टीकमगढ़ तक के सभी स्टेशनों पर खजुराहो तक के सभी स्टेशनों की दूरी व किराया फीड होने का कार्य किया जा रहा है। इसी के चलते टीकमगढ़ के बाद वाले स्टेेशनों की यात्रा के लिए ललितपुर स्टेशन पर भी कंप्यूटराज्ड फीडिंग नहीं होने के चलते मैनुअली टिकट वितरण करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही ललितपुर से खजुराहो तक सभी स्टेशनों पर टिकट वितरण प्रणाली कंप्यूटराज्ड कर दी जाएगी।