लॉकडाउन के कारण गर्भवती महिलाएं प्रसव कराने के लिए अस्पताल में नहीं पहुंच रही हैं। संस्थागत प्रसव की संख्या घट गई है। लॉकडाउन से पहले डेढ़ हजार से अधिक महिलाएं प्रसव कराने के लिए जिला अस्पताल आ रही थीं, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर 12 सौ के आसपास सिमट गई है। अधिकांश महिलाएं लॉकडाउन के कारण घर पर ही प्रसव करा रही हैं। लॉकडाउन के कारण गर्भवती महिलाएं प्रसव कराने के लिए जिला अस्पताल में नहीं जा रही हैं, इस कारण घरों में ही प्रसव कराया जा रहा है। लेकिन, अब लॉकडाउन में छूट मिल जाने के कारण सरकारी अस्पतालों में प्रसव बढ़ जाएंगे।