कोरोना महामारी के दौरान ढाई महीने के लॉकडाउन में चुनिंदा दुकानों को छोड़कर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानें बंद रहीं, लेकिन लॉकडाउन खुलते ही बिजली विभाग ने दुकानदारों को व्यापारियों को भारी भरकम बिजली के बिल थमा दिए। लोड भी बढ़ाकर दे दिए। अब व्यापारी व्यापार करने के बजाय बिलों को दुरस्त कराने के लिए बिजली विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लॉकडाउन के चलते ढाई महीने तक शासन के निर्देश पर जिले में आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर सभी प्रकार के व्यापारिक प्रतिष्ठान पूर्ण रुप से बंद रहे। बिजली विभाग के आलाधिकारियों के निर्देश पर मीटर रीडरों से बिजली के बिल बनाना भी पूरी तरह से बंद कर दिए गए। इसके बाद तीन महीने के औसत रीडिंग के औसत बिल बनाने के निर्देश पावर कार्पोरेशन द्वारा दिए गए। मई में लॉकडाउन में कुछ छूट के साथ मीटर रीडरों को बिजली के बिल बनाने के आदेश जारी किए गए।