ललितपुर। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों पर विभागीय शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अब अधिकारी व कर्मचारियों की तर्ज पर अध्यापकों को भी अपनी लोकेशन मोबाइल पर बतानी होगी। इससे स्कूल में लेटलतीफ पहुंचने व उपस्थिति पंजिका में हाजिरी भरकर वापस घर चले जाने वाले शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
मंडलायुक्त झांसी के राममोहन राव ने पूरे मंडल में अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति प्रमाणित करने के उद्देश्य से मोबाइल से लोकेशन लेने की शुरुआत कराई है। इसके सार्थक परिणाम सामने आए हैं। विभिन्न विभागों में अधिकारी और कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगा है। इसके मद्देनजर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक जीएस राजपूत ने अध्यापकों की मोबाइल से लोकेशन के लिए योजना बनाई है। इस संबंध में उन्होंने बीएसए को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि नवीन शैक्षिक सत्र में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार एवं अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खंड शिक्षा अधिकारी सहित विभिन्न अधिकारी विद्यालयों के निरीक्षण कर रहे हैं। इसके बाद भी अध्यापकों की लापरवाही पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है।
इसके मद्देनजर अध्यापकों की मोबाइल से लोकेशन जांचने की योजना बनाई गई है। इससे अध्यापक स्कूलों में समय से पहुंचने के लिए सजग होंगे।
जनपद स्तर पर मिड डे मील समन्वयक के पास सभी अध्यापकों के मोबाइल नंबर उपलब्ध होते हैं, इसलिए अध्यापकों की मोबाइल लोकेशन आसानी से ली जा सकती है। मिड डे मील समन्वयक स्वयं या किसी कर्मचारी के माध्यम से प्रतिदिन प्रत्येक ब्लाक के चार- पांच अध्यापकों की मोबाइल से लोकेशन जांच सकते हैं। उन्होंने अध्यापकों से ली गई लोकेशन का विवरण पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इससे अध्यापकों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
अस्थाई ड्यूटी का हो सकेगा पर्दाफाश
जिले में शिक्षकों की अस्थाई ड्यूटी का खेल चल रहा है। अध्यापकों की उपस्थिति लेने से अस्थाई ड्यूटी का खेल उजागर होना तय माना जा रहा है। तमाम विद्यालयों में अनेक शिक्षक अस्थाई ड्यूटी पर डटे हैं। ऐसे शिक्षकों का वेतन किसी स्कूल से निकल रहा है, जबकि उनकी तैनाती किसी स्कूल में है।
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इस प्रारूप पर दर्ज होगा ब्योरा
विद्यालय का नाम व संबंधित अध्यापक का नाम, जिसकी लोकेशन ली गई है। लोकेशन लेते समय साक्ष्य के रूप में बातचीत में शामिल अध्यापक, शिक्षा मित्र, छात्र का नाम व मोबाइल नंबर, लोकेशन लेते समय अध्यापक की लोकेशन, अन्य कोई बिंदु जो अध्यापक द्वारा बताया गया एवं हस्ताक्षर कार्यरत कर्मचारी का ब्योरा पंजिका में दर्ज किया जाएगा।