ललितपुर। यूपी बोर्ड के दसवीं व बारहवीं के परीक्षार्थियों को प्रमोट किए जाने से कॉलेजों में प्रवेश की समस्या गहराने के आसार हैं। बोर्ड ने बारहवीं में जितने परीक्षार्थियों को प्रमोट किया है, उतनी संख्या में न तो कॉलेजों में सीटें उपलब्ध हैं और न ही शिक्षण के लिए अध्यापक। इस स्थिति में करीब दस हजार छात्रों के सामने प्रवेश की समस्या खड़ी है।
अकेले नेहरू महाविद्यालय में पिछले शैक्षिक सत्र में 11 हजार छात्रों ने बीए प्रथम वर्ष में पंजीयन कराया था। इनमें 972 छात्र छात्राओं को प्रवेश मिल सका अन्य छात्रों को बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश नहीं मिल पाया था। इस पर कई छात्रों ने अपने विषय बदल दिए थे तो कई छात्रों ने प्राइवेट परीक्षा दी थी। कुछ छात्रों ने वित्त पोषित कॉलेजों में प्रवेश ले लिया था। यदि जिले के अन्य संचालित कॉलेजों की सीटें भी जोड़ ली जाए तो जितने छात्र इस बार बारहवीं में प्रमोट हुए हैं, उन्हें प्रवेश मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। जानकारों का मानना है कि इस सत्र में करीब दस हजार छात्रों को प्रवेश समस्या से जूझना पड़ सकता है। इस बात को लेकर कॉलेजों का प्रबंधतंत्र भी चिंतित है। हालांकि, अभी प्रवेश की प्रक्रिया आरंभ नहीं हुई है, इससे प्रवेश जैसी समस्या कॉलेजों में नहीं है। वर्तमान कॉलेज आगामी चौबीस जुलाई से होने वाली परीक्षा पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।
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यूपी बोर्ड बारहवीं की परीक्षा में इतने हुए प्रमोट
यूपी बोर्ड बारहवीं की परीक्षा में कुल 15521 परीक्षार्थी नामांकित थे। इनमें 8404 छात्र व 7117 छात्राएं थीं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इन सभी को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया है। इससे सभी को अगली कक्षा में दाखिला देने की समस्या उत्पन्न हो गई है।
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इतने हैं जिले में कॉलेज
जिले में 31 डिग्री कालेज संचालित हैं। इनमें 4 राजकीय, एक सहायता प्राप्त कॉलेज है, बाकी कॉलेज वित्त पोषित है।
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इतनी हैं कॉलेजों में सीटें
नेहरू महाविद्यालय में बीएससी बायो, मैथ व कामर्स प्रथम वर्ष में 60-60 सीटें हैं जबकि बीए प्रथम वर्ष में 972 सीटें हैं। अन्य कालेजों में बीए, बीएससी, कामर्स प्रथम वर्ष में 60-60 सीटों का आवंटन हैं। विश्वविद्यालय की अनुमति पर बीस सीटें और बढ़ाई जा सकती हैं। इस तरह सीटों की संख्या 80 भी हो सकती है।
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कॉलेज में निर्धारित सीटों के अनुरूप छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। यदि सरकार प्रवेश से वंचित छात्रों को भी दाखिला देना चाहती है तो सरकार व विश्वविद्यालय कॉलेज में सीटें बढ़ाए व अध्यापकों की व्यवस्था करें।
डॉ. अवधेश अग्रवाल, प्राचार्य, नेहरू महाविद्यालय