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दहेज लोभी बहू की हत्यारे पति, सास व ससुर को आजीवन कारावास

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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) चंद्रमोहन श्रीवास्तव प्रथम की अदालत ने थाना कोतवाली बानपुर के ग्राम दैलवारा में दो वर्ष पूर्व दहेज की खातिर बहू की हत्या करने के मामले में दोषी पाये जाने पर पति, सास व ससुर को आजीवन कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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थाना बार अंतर्गत ग्राम मिर्चवारा निवासी रामरक्षपाल सिंह पुत्र विजय सिंह ने दो वर्ष पूर्व थाना बानपुर में तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी पुत्री रिंकी राजा की शादी बानपुर के ग्राम दैलवारा निवासी राहुल राजा के साथ वर्ष 2014 में की थी। शादी के कुछ दिनों तक सब ठीक चलता रहा। बाद में रिंकी के पुत्री पैदा होने के बाद ससुरालीजनों ने उसकी पुत्री को परेशान करना शुरू कर दिया था। आए दिन गालीगलौज कर मारपीट की जाने लगी। पुत्री ने फोन पर उसे आपबीती बताई। जिस पर वह उसे मायके मिर्चवारा ले आए। पुत्री छह-सात माह मायके में रही।
एक दिन राहुल अपने परिजनों व रिश्तेदारों के साथ घर आये, पंचायत में यह तय हुआ कि अब कोई पुत्री को परेशान नहीं करेगा। इसके बाद उसने पुत्री को ससुरालीजनों के साथ भेज दिया। कुछ दिन बाद राहुल ने पुत्री को कुल्हाड़ी से मारा, जिससे वह घायल हो गई। पुत्री ने फोन पर बताया तो वह दैलवारा गए और पुत्री को लेकर थाना बानपुर आ गए। जहां प्रार्थना पत्र दिया, महिला थाना में भी दिया व कोर्ट में भी मुकदमा कायम किया। उसके बाद पुत्री को ग्राम मिर्चवारा ले आए। फिर कुछ माह बाद राहुल लिवाने आया और गिड़गिड़ाने लगा और कहा कि रिंकी को भेज दो, कोई गलती नहीं करेगा।
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ससुरालीजनों के कहने व भरोसा देने के बाद पंचों के बीच लिखा पढ़ी के बाद उसने छह फरवरी 2017 को ससुराल भेज दिया। इसके बाद 24 मार्च 2017 को दोपहर करीब डेढ़ बजे रिंकी ने अपनी मां को फोन कर बताया कि पति राहुल, सास बृजकुंवर, ससुर बृजपाल सिंह, चाचा ससुर शिशुपाल सिंह, दादा ससुर कन्हैया, देवर राजा, ननद छाया राजा, चाची सास, दादी सास ने एक लाख रुपया मांगा है। पुत्री की मां ने कहा कि पापा नहीं है, खेत पर गए हैं, शाम को घर आएंगे तो एक लाख रुपये भिजवा देंगे। जब वह शाम को घर आया तो सारी बात बताई, जिस पर वह लोग गाड़ी लेकर दैलवारा पहुंचे, वहां उसकी पुत्री मरी पड़ी थी। उसने पुत्री को दहेज की खातिर जलाकर मार डालने के आरोप लगाये थे। पिता की तहरीर पर थाना बानपुर पुलिस ने ससुुरालियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया था और जांच के बाद पति, सास व ससुर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे, जबकि बाकी आरोपियों के नाम विवेचना में हटा दिये थे।
तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए पति राहुल, सास बृजकुंवर व ससुर बृजपाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजाते हुए जेल भेज दिया। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
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