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खपत कम, बिल अधिक

Sat, 08 Oct 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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eletricity lalitpur news - फोटो : demo
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शहर में करीब छह हजार विद्युत कनेक्शनों के बिल आईडीएफ में दिए जा रहे हैं। मजबूरी में
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उपभोक्ताओं को कम खपत पर अधिक बिजली का भुगतान करना पड़ रहा है। उपभोक्ता मीटर बदलवाने को भटक रहे हैं।
शहर में बिजली विभाग द्वारा 21081 घरेलू विद्युत कनेक्शन और 3250 वाणिज्यिक कनेक्शन जारी किए गए हैं।
पावर, औद्योगिक, सरकारी व अन्य प्रकार के कनेक्शनों को जोड़कर करीब 27 हजार कनेक्शनों की बिलिंग की जा रही है। घरेलू व कॉमर्शियल कनेक्शनों की विद्युत बिलिंग करने का जिम्मा एक प्राइवेट संस्था को दिया गया है, जिसके मीटर रीडरों द्वारा घर-घर जाकर मीटरों में आने वाली रीडिंग के हिसाब से बिलों को बनाकर उपभोक्ताओं को हर माह मुहैया कराया जाता है। 
बिजली विभाग में आए दिन दर्जनों उपभोक्ता अपने कनेक्शनों के बिल ठीक कराने को भटकते रहते हैं। जिनका कहना होता है कि उनके मीटर तो ठीक हैं, लेकिन बिल बिना रीडिंग के फिक्स यूनिट के हिसाब से दिया जा रहा है, जो खपत के हिसाब से काफी अधिक दर्शाया जा रहा है।
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जबकि बहुत से उपभोक्ताओं को वर्षों पूर्व कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन उनके घर मीटर नहीं लगे होने के कारण उनके बिल आईडीएफ में आ रहे हैं, जिसके चलते उन्हें खपत से कम या अधिक का भुगतान करना पड़ रहा है। ॉ जबकि हजारों उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके मीटर तो लगे हैं, लेकिन  खराब चल रहे हैं।
इस प्रकार शहर में करीब 2500 उपभोक्ताओं के घर कनेक्शन तो हैं, लेकिन मीटर नहीं लगे हैं, जबकि करीब साढ़े चार हजार उपभोक्ताओं के मीटर खराब चल रहे हैं, इस प्रकार करीब सात हजार उपभोक्ताओं को आईडीएफ में बिजली के बिल दिए जा रहे हैं। 
ऐसे में आईडीएफ का बिल आने पर उपभोक्ताओं को एक किलोवाट पर फिक्स 155 यूनिट के हिसाब से करीब 830 और दो किलोवाट के कनेक्शन पर फिक्स 310 यूनिट के हिसाब से करीब 1660 रुपए से अधिक का भुगतान करना पड़ रहा है। हालांकि बिजली विभाग द्वारा मीटर बदलने के लिए प्राइवेट संस्थाओं को ठेका भी दिया गया है,
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लेकिन मंडलीय अधिकारियों की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के चलते कार्य शुरु नहीं हो सका है। जबकि विभाग द्वारा नए कनेक्शनों पर मीटर बदलने का कार्य करवाया जा रहा है, लेकिन कार्य धीमी गति से होने के चलते उपभोक्ताओं को फिलहाल आईडीएफ के बिलों के अनुसार ही भुगतान करना पड़ रहा है।
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