फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: चीराकोडर के स्कूल में घुसा तेंदुआ, ग्रामीण पर किया हमला

विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल में घुसा तेंदुआ, ग्रामीण पर किया हमला
विज्ञापन

क्रिसमस की छुट्टी होने की वजह से स्कूल में बच्चे और शिक्षक नहीं थे मौजूद
बांस के झुंड में छिपा रहा तेंदुआ, देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन


संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन (ललितपुर)। थाना जाखलौन क्षेत्र के ग्राम चीराकोडर स्थित परिषदीय विद्यालय परिसर में बृहस्पतिवार सुबह लगभग दस बजे एक तेंदुआ के घुस आने से इलाके में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि क्रिसमस का अवकाश होने के कारण बच्चे स्कूल में मौजूद नहीं थे। खेतों में काम कर रहे किसानों ने जब तेंदुए को देखा तो गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल के बाहर एकत्रित हो गए।
भीड़ को देखकर तेंदुआ विद्यालय परिसर की झाड़ियों में जा छिपा। इसी दौरान वह बाहर निकलने का प्रयास करने लगा और एक ग्रामीण पर हमला कर घायल कर दिया। इसके बाद तेंदुआ पास ही स्थित बांस के झुंड पर चढ़ गया, जहां वह देर शाम तक छिपा रहा।
विज्ञापन

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। डीएफओ गौतम सिंह के निर्देशन में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। ड्रोन कैमरे की मदद से आसपास के क्षेत्र में निगरानी की गई, लेकिन देर रात तक तेंदुए को सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकाला जा सका।
तेंदुआ को झाड़ियों में देखने के प्रयास के दौरान ग्रामीण कमलेश पर उसने हमला कर दिया। कमलेश गांव में सरकारी राशन की दुकान का संचालन करता है। हमले में उसके सिर, चेहरे और हाथ में गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने तत्काल उसे ललितपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उसका उपचार कराया गया।

ड्रोन से की गई इलाके की निगरानी
ग्रामीणों ने वन विभाग को बताया कि तेंदुए के साथ उसके बच्चे भी देखे गए थे। इस सूचना के आधार पर टीम ने आसपास के क्षेत्र में गश्त की और ड्रोन कैमरे से निगरानी की, लेकिन कोई अन्य तेंदुआ या शावक दिखाई नहीं दिया। अधिकारियों का अनुमान है कि तेंदुआ अकेला ही गांव की ओर आया था।
विज्ञापन

-
वर्जन
जंगल से भटककर तेंदुआ सुबह विद्यालय परिसर में प्रवेश कर गया था। स्कूल में अवकाश होने के कारण बच्चे मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों की भीड़ के कारण वह बांस के पेड़ों के बीच छिप गया। जब तक तेंदुआ सुरक्षित रूप से वहां से बाहर नहीं निकल जाता, वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात रहेंगी। ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गौतम सिंह
प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें