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विधायक की संस्तुति पर नहीं लग सके हैंडपंप

Sun, 22 Jan 2017 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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handpump news - फोटो : demo
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सदर विधायक की संस्तुति के बाद भी परिषदीय स्कूलों में हैंडपंप नहीं लगाए जा सके हैं। इसके विपरीत जलनिगम के अधिशासी अभियंता ने भूगर्भ जल उपलब्धता जानने के लिए एक पत्र डीडीओ को लिखा है। इन हालात में स्कूलों में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।      
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गर्मी के सीजन में भूगर्भ जलस्तर नीचे चला जाता है। साल के मई जून माह में जिले के ढाई सैकड़ा से अधिक विद्यालयों में पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है। इसके मद्देनजर सीडीओ और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक झांसी ने ड्राई हैंडपंप वाले विद्यालयों में विधायक कोटा से हैंडपंप रीबोर कराने के लिए विधानसभावार सूची जलनिगम को भेजने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा था कि खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्रीय विधायक से व्यक्तिगत संपर्क कर हैंडपंप का लक्ष्य आवंटन की सूचना 30 जून 16 तक सुनिश्चित करें। इस दौरान सदर विधायक रमेश कुशवाहा ने अपने क्षेत्रांर्गत के ड्राई हैंडपंप वाले परिषदीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सूची में से एक सौ विद्यालयों में हैंडपंप रिबोर की सहमति प्रदान कर दी थी। सदर विधायक का अनुमोदन नौनिहालों की प्यास नहीं बुझा सका। इसके उलट जल निगम के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने जिला विकास अधिकारी को मांग पत्र लिख दिया। इसमें कहा कि सदस्य विधानसभा क्षेत्र द्वारा विभिन्न विकास खंडों के प्राथमिक/उच्च प्राथमिक स्कूलों में सौ हैंडपंप लगवाने के लिए सूची प्राप्त कराई है। इनमें भूगर्भ जल उपलब्धता जानने के लिए दो हजार रुपये प्रति हैंडपंप की दर से कुल दो लाख रुपये की व्यवस्था कराएं। इस तरह हैंडपंपों की स्थापना पत्रों के मकड़जाल में उलझकर रह गई है।      

महरौनी विधायक ने दिखाई दिलचस्पी      
परिषदीय स्कूलों के पेयजल संकट पर वोटबैंक भारी पड़ा। शायद यही वजह रही कि महरौनी विधायक फेरनलाल अहिरवार ने स्कूलों के हैंडपंप रिबोर की सूची पर संस्तुति करने की जगह टरकाते रहे। इस संबंध में बीएसए संतोष कुमार राय ने 24 सितंबर को जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा था, जिसमें कहा कि विधायक क्षेत्र महरौनी द्वारा हैंडपंप स्थापना के लिए अनुमोदन कार्यालय में अप्राप्त है व सदर विधायक रमेश कुशवाहा की अनुमोदित सूची के साथ सलंग्न कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।      
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भूगर्भ जल उपलब्धता जानने के लिए धन की मांग की गई थी, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। वैसे भी सूचीबद्ध इलाके ड्राई थे। करीब अठासी दिक्कत वाले स्कूलों में सोलर पंप से पानी की समस्या का समाधान करने का प्रयास हुआ है।       
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एससी सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम ललितपुर।
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