ललितपुर। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घटित दो हत्याकांड में पुलिस को अब तक मुंह की खानी पड़ी है। इन वारदात को घटित हुए महीनों हो गए, लेकिन पुलिस मामले का खुलासा करना तो दूर इनकी पहचान तक नहीं कर पाई। इन लोगों की हत्या के पीछे क्या राज है, इन सभी सवालों को लेकर पुलिस अब भी उलझी हुई है।
केस - एक
महिला की न पहचान हुई न पकड़े गए हत्यारे
16 जनवरी को थाना जखौरा के ग्राम आलापुर के जंगल में पहाड़ी पर 25 वर्षीय महिला का रक्तरंजित शव मिला था। शव करीब 2-3 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। उसके सिर पर पत्थर से हमला कर मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने अज्ञात पर केस भी दर्ज किया था। महिला कौन थी, कहां से आई और उसके साथ क्या हुआ था, इसकी जांच में पुलिस जुटी थी। महिला का रंग काला था, वह लाल रंग की साड़ी, हल्के नीले रंग का स्वेटर, हाथों में नए दिखने वाले कंगन व चूड़ी, गले में काली-लाल रंग की माला, पैरों में सफेद धातु की मोटी पायल पहने हुए थी। पुलिस टीमों ने महिला की पहचान के प्रयास किए थे। लेकिन, आठ माह गुजर जाने के बाद अभी तक न तो पुलिस शिनाख्त करा पाई है और न ही यह तथ्य जान पाई है कि महिला की हत्या किसने और किन कारणों से की थी।
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केस - दो
मालगोदाम के पास मिली लाश की नहीं हो पाई पहचान
दो जून को कोतवाली सदर अंतर्गत नईबस्ती चौकी क्षेत्र में मालगोदाम के पास सुनसान इलाके में करीब 25 वर्षीय युवक का रक्तरंजित अवस्था में शव पड़ा मिला था। उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला कर मौत के घाट उतारा गया था। जमीन पर खून बिखरा पड़ा था। सिर के नीचे दो हवाई चप्पल रखी हुई मिली थी। इस घटना को गुजरे दो माह से अधिक का समय बीत चुका, लेकिन पुलिस इसकी शिनाख्त करवाने में नाकाम रही।