ललितपुर। जिले में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर सैंपल देने के बाद लगभग 1796 लोगों को चार दिन के बाद भी रिपोर्ट का इंतजार है। ऐसे में सभी लोग इस संशय में है कि उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव या निगेटिव है। जांच आने तक संभावित व्यक्ति लोगों के संपर्क में रहता है। ऐसे में संक्रमण फैलने का भी खतरा रहता है।
जनपद में कोरोना संक्रमण ने बीते वर्ष मई माह में दस्तक दी थी। तब से अब तक संक्रमितों की संख्या बढ़कर 12 हजार से अधिक हो गई है। इनमें 115 संक्रमितों ने अस्पतालों में उपचार के दौरान जान गवांई हैं। इसमें कई संक्रमित ऐसे भी हैं, जो समय पर जांच रिपोर्ट न आने गंभीर हालत में पहुंच गए और मौत हो चुकी है।
जिले में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए आरटीपीआर लैब की सुविधा अब तक नहीं हो सकी है। यहां पर प्रतिदिन आरटीपीआर किट से लिए जा रहे सैंपलों को जांच के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी भेजा जा रहा है। जहां से रिपोर्ट आने के चार से अधिक दिनों का समय लग रहा है। ऐसे में लोगों को सही समय पर संक्रमित होने या न होने की जानकारी हो पा रही है। इससे सैंपल देने के बाद कई लोग रिपोर्ट आने तक परेशान रहते है। वहीं, कई संदिग्ध जांच रिपोर्ट आने तक खुले आम घूमते रहते हैं। साथ ही घर में भी बिना मास्क व सामाजिक दूरी के बने रहते है। इससे अन्य लोगों को भी संक्रमित कर देते हैं। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहता है।
रिपोर्ट आने तक कईयों की बिगड़ जाती हालत
कुछ लोग संक्रमण के लक्षण बुखार, खांसी या जुकाम होने पर जांच कराते हैं। इसमें एंटीजन जांच वाले व्यक्ति को तुरंत जानकारी हो जाती है। वहीं, आरटीपीसीआर किट से सैंपल देकर जांच कराने पर रिपोर्ट की जानकारी चार से पांच दिन बाद मिल पाती है। ऐसे में रिपोर्ट आने तक हालत बिगड़ जाती है।
अब आरटीपीसआर जांच रिपोर्ट आने के समय में सुधार हो रहा है। एक दिन का समय सैंपल भेजने में लग जाता है। - डॉ. डीके गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।