संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मलेरिया की रोकथाम के लिए अभियान शुरू किया गया है। नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर टीमें कूलर व छतों पर रखे पात्रों में भरे पानी में लार्वा नष्ट करेंगी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार डेंगू के छह मरीज मिले हैं। रैपिड किट से जांच के दौरान डेंगू के कई मरीज मिले हैं, लेकिन एलाइजा टेस्ट न होने से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पा रही है।
अब तक जिले में डेंगू के छह मरीज पाए गए हैं। वहीं, रैपिड किट से कई मरीजों में डेंगू होना पाया गया है। बीते दिनों मोहल्ला अजीतपुरा निवासी एक परिवार के दो बच्चों में किट से जांच पर डेंगू पाया गया था। कस्बा बिरधा निवासी एक महिला में भी डेंगू होने की सूचना मिली थी, लेकिन एलाइजा जांच न होने से स्वास्थ्य विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है।
अब विभाग ने डेंगू की रोकथाम के लिए दो टीमों का गठन किया है। प्रत्येक टीम में तीन-तीन वर्कर रखे गए हैं, जो सभी वार्डों में घर-घर जाकर कूलर व अन्य पात्रों में लार्वा की जांच करेंगे। लार्वा पाए जाने पर लार्वीसाइड का छिड़काव कर नष्ट करेंगे। साथ ही लोगों को जागरूक करेंगे। अब तक 1816 घरों में लार्वा की जांच की गई, 11 घरों में सक्रिय लार्वा पाया गया। इसे नष्ट किया गया। साथ ही गृहस्वामी को नोटिस जारी किया गया।
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डेंगू की रोकथाम के लिए दो टीमें लगाई गई हैं, जो घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं।
- अजब सिंह, प्रभारी, जिला मलेरिया अधिकारी