तालबेहट। शासन एक ओर सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भू-माफिया अपने नाम वाली जमीन बेचकर उसके साथ शासकीय जमीनों पर भी लोगों को कब्जा करवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बृहस्पतिवार को विकास खंड तालबेहट की सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान सामने आया।
पिछले दिनों खंड विकास अधिकारी आलोक कुमार ने तहसीलदार को विकास खंड तालबेहट के नाम अधिगृहीत भूमि की पैमाइश कराने को एक पत्र लिखा था। बृहस्पतिवार को तहसीलदार सौरभ पांडेय, राजस्व निरीक्षक हरीराम प्रजापति, लेखपाल रामकुमार, नाथूराम पाल के साथ मौके पर गए। इसके बाद विकास खंड के नाम आवंटित आराजी क्रमांक 3380 रकवा 2.530 हेक्टेअर की पैमाइश की। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक मकान विकास खंड की इस सरकारी जमीन में पाए गए। इस संबंध में जानकारी करने पर पाया गया कि लोगों ने उक्त भूखंड का बैनामा कराया है।
दबंगों ने विकास खंड कार्यालय के पीछे निकले ग्रामसभा के नाले की कुछ जमीन पर भी अवैध रूप से कब्जा कर लिया हैं। उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
-- सौरभ पांडेय, तहसीलदार तालबेहट।
पैमाइश के बाद जिन लोगों के मकान विकास खंड की अधिगृहीत भूमि में बने पाए गए है। उनके भू स्वामियों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
- आलोक कुमार, खंड विकास अधिकारी तालबेहट
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