शराबबंदी को लेकर ग्रामीणों की बैठक
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नशाखोरी की लत से गर्त में जा रहे युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए क्षेत्र में ग्रामीण जागरुक होते नजर आ रहे हैं। ग्राम पंचायत सीरोंन में शराब बिक्री को लेकर जुर्माने के प्रावधान के बाद साढूमल और हंसरा में भी पंचायत बुलाई गई। बैठक में सभी समाज के पंचों के सामने सर्वसम्मति से गांव में शराब-गांजे की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने का निर्णय लिया। शराब पीकर गालीगलौज तथा झगड़ा करने वालों को भी दंडित करने नियम लागू किया गया।
ग्राम साढूमल में झंडाचौक पर बुलाई गई खुली बैठक में पांडाल में विराजे गणपति को साक्षी मानकर निर्णय लिया गया कि गांव शराब अथवा गांजा बेचते हुए पकड़े जाने पर 51 हजार रुपये दंड लगाया जाएगा। साथ ही गांव का जो भी व्यक्ति शराब पीकर गालीगलौज या उत्पात मचाएगा उस पर भी 51 सौ रुपये का दंड लगाया जाएगा। वहीं ग्राम हंसरा में भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उनके गांव में शराब बेचने वालों पर 11 हजार रुपये और पीकर उत्पात मचाने वाले पर 11 सौ रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। सर्वसम्मति से लिए गए इस पंच फैसले को जो नहीं मानेगा पूरा गांव उससे कोई सरोकार व संबंध नहीं रखेगा। ग्रामीणों द्वारा लिए गए फैसले को कागज पर लिखकर सभी को सुनाया गया और हस्ताक्षर कराए गए। सहमति पत्र पर श्रीकांत कुशवाहा, मनोहरलाल, श्रीराम, मंगलसिंह, गोरेलाल, रामकिशन, तंसुराम, गोपीलाल, लेखराज अहिरवार, रामस्वरूप अहिरवार एवं हंसरा में रगवर,अजमेरसिंह, सजनसिंह, प्यारेलाल, मलखान सिंह, देवीसिंह समेत दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।