ललितपुर। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार के निर्देशन में सूचना विभाग एवं इंटैक चैप्टर ललितपुर के तत्वाधान में ‘ललितपुर में पर्यटन विकास की संभावनाएं’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें ललितपुर के पर्यटन विकास पर व्यापक मंथन किया गया और उपस्थित जनों ने संकल्प लिया कि अब ललितपुर पर्यटन के क्षेत्र में उपेक्षित नहीं रहेगा।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने कहा कि ललितपुर में पुरातात्विक, प्राकृतिक, एतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर पर्यटन स्थलों की अकूत संपदाएं मौजूद हैं। यदि इन स्थलों को सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाए तो ललितपुर विश्व के पर्यटन मानचित्र पर अपना गौरवशाली स्थान पाने में पूर्ण समर्थ है। अब यह स्थल उपेक्षित नहीं रहेंगे, सरकार इनके विकास के लिए हर संभव प्रयास करेगी। हमारा प्रयास रहेगा कि ललितपुर पर्यटन हब बने, ताकि देश और विदेश के सैलानी यहां आएं और यहां की कला, पुरातत्व संपदा, पर्यटन स्थलों एवं संस्कृति के बारे में जानें और यहां की गौरवशाली संस्कृति को पूरे देश में सर्वव्यापी बनाने में सैलानी अपना योगदान दें। ताकि रोजगार बढ़े।
उन्होंने उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग, अखिल भारतीय पुरातत्व विभाग, वन विभाग से उनके अधीन आने वाले पर्यटन स्थलों एवं उनके विकास के लिए सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने धरोहर संरक्षण एवं पर्यटन विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इंटैक ललितपुर चैप्टर के संयोजक संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि ललितपुर धरोहरों एवं पर्यटन के क्षेत्र में काफी समृद्ध है। आवश्यकता इन स्थलों के सुनियोजित विकास की है। गोष्ठी का संचालन समाजसेवी मनमोहन जड़िया व आभार रजनीश चड्ढा ने व्यक्त किया। बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पाण्डेय, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डीएन सिंह, जिला विकास अधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी, उद्योग आयुक्त सूर्यवंशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग रामसूरत, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश कुमार, इंटैक सदस्य कलाविद ओपी बिरथरे, सहसंयोजक रजनीश चड्ढा, डॉ. दीपक चौबे, गोविंद व्यास, सूचना विभाग से सुमित कुमार, सौरभ गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।