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बूंद- बूंद पानी को भटकेंगे शहरवासी

Sun, 05 Mar 2017 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बूंद- बूंद पानी को भटकेंगे शहरवासी - फोटो : demo
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जल निगम के अफसरों की लापरवाही के कारण एक बार फिर शहरवासियों को पेयजल के संकट से जूझना पड़ेगा। शासन से लगभग तीन करोड़ रुपये मिलने के बाद भी विभाग ने अब तक एक धेला भी खर्च नहीं किया है। न हैंडपंप रीबोर कराए हैं और न ही नए लगाए हैं। पाइप लाइन भी नहीं डाली है। अमृत योजना भी कारगर साबित नहीं हो रही है। गर्मी अभी पूरी तरह आई नहीं है और हैंडपंप सूखने लगे हैं।
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पिछले वर्ष पड़े सूखे से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने 13 मई 2016 को नगरीय पेयजल कार्यक्रम के तहत जल निगम को 2.80 करोड़ रुपये अवमुक्त किए थे। इस धनराशि में से 1.20 करोड़ रुपये शहर के अनुसूचित जाति वाले क्षेत्रों में सूखे पड़े हैंडपंपों के रीबोर व नवीन हैंडपंप लगाए जाने में खर्च करने थे। बकाया 1.60 करोड़ रुपये से शहर के अन्य इलाकों में रीबोर व नए हैंडपंप स्थापित किए जाने थे। लगभग पूरा वर्ष बीतने वाला है, लेकिन अभी तक जल निगम नगर में हैंडपंप लगाना तो दूर अपनी कार्ययोजना भी तैयार नहीं कर पाया है। जबकि 13 मई 2016 को उत्तर प्रदेश शासन के तत्कालीन उप सचिव रंग बहादुर सिंह ने शासनादेश जारी कर 31 मार्च 2017 तक इस धनराशि का उपयोग करके उपयोगिता प्रमाणपत्र शासन को उपलब्ध कराना है। 
       
अमृत की पाइपलाइन बिछना मुश्किल     
अमृत योजना के तहत शहर के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए 2. 41 करोड़ रुपये से पाइप लाइन बिछवाई जानी है। इसके अलावा नि:शुल्क कनेक्शन कराए जाने हैं। इसके लिए शासन ने जल निगम को करीब 40 लाख रुपये की प्रथम किस्त भी जारी कर दी है, लेकिन अब तक धरातल पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस कार्य की जिम्मेदारी जल निगम को सौंपी गई है। यदि जल निगम वर्तमान में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर देता है तो कम से कम तीन माह तो कार्य को पूरा होने में लग ही जाएंगे। मतलब इस गर्मी में यह योजना लोगों को राहत नहीं पहुंचा पाएगी। 
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नेहरू नगर पेयजल योजना ने भी तोड़ी उम्मीद      
विगत वर्ष नेहरू नगर में रहने वाले लोग सूखे के हालातों में पानी के लिए संघर्ष कर रहे थे। उस दौरान भारत सरकार ने अमृत योजना के तहत नेहरू नगर में पानी की टंकी के निर्माण  के लिए 23 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद नेहरू नगर के हजारों परिवारों में यह उम्मीद जाग गई थी कि आने वाली गर्मियों में पानी की इस समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। एक वर्ष पूर्व मंजूरी मिल चुकी नेहरू नगर पेयजल योजना को बीते कुछ माह पूर्व वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। कार्यदायी संस्था जल निगम ने निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली है, लेकिन अब तक धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी है। धनराशि आने की कोई तिथि भी निश्चित नहीं है, यदि आचार संहिता के बाद धनराशि उपलब्ध भी हो जाती है तो भी नेहरू नगर वासियों को इस बाद की गर्मियों में यह पेयजल योजना नसीब नहीं हो पाएगी।       

यहां है संकट
नेहरू नगर वार्ड नंबर 06 के पार्षद विवेक दिरौनियां बताते हैं कि अभी से मुहल्ले के करीब आधा दर्जन से अधिक हैंडपंपों से पानी निकलना बंद सा हो गया है। पिछले वर्ष जिला प्रशासन ने क्षेत्र में तीन बड़े बोर कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक आश्वासन पूरा नहीं हुआ। इसके अलावा सिद्धनपुरा, पिसनारी बाग, घुसयाना, रामनगर, बड़ापुरा, पठापुरा, खिरकापुरा, नारायणपुरा, चौबयाना, चौकाबाग, गोविंदनगर, रावतयाना समेत चांदमारी व आजादपुरा में भी पानी की समस्या रहती है। 


चुनाव के बाद होगा कार्य शुरू      
जल निगम के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि नगरीय पेयजल योजना के तहत लगवाए जाने वाले हैंडपंप व रीबोर का कार्य विधानसभा चुनाव के बाद शुरू किया जाएगा।
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