ललितपुर। ललितपुर जिले का गेहूं मध्य प्रदेश के सागर जिले के सीहोरा स्थित खरीद केंद्र में पकड़ा गया। राहतगढ़ पुलिस ने कइयों को आरोपी बनाकर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस सूचना से जिले के अफसरों में खलबली मच गई। उधर, जिले में गेहूं के स्टाक के मिलान की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
लॉकडाउन में किसानों को लाभान्वित करने के लिए गेहूं क्रय केंद्र एवं गल्ला मंडी का आरंभ किया गया है। जिला प्रशासन गेहूं खरीद पर नजर रखे हुए हैं। इसे देख कुछ व्यापारियों ने यहां के किसानों से औने-पौने दामों पर माल खरीद कर सागर जिले के मंडियों में बेचना आरंभ कर दिया है। ऐसा ही एक मामला सागर जिले के सीहोरा खरीद केंद्र पर उजागर हुआ है।
राहतगढ़ थाना की पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश के गेहूं को ट्रैक्टर- ट्राली में भरकर किसानों का माल बताकर बेचा जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी की। इस दौरान ट्रक व ट्रैक्टर ट्राली पर काम कर रहे मजदूर व ड्राइवर मौके से भाग गए। मौके पर दो ट्रकों में गेहूं के बोरे भरे पाए गए, जबकि तीन ट्रक खाली खड़े थे। पुलिस ने पूरे मामले की गहन छानबीन की तो गड़बड़झाला उजागर हो गया। राहतगढ़ पुलिस ने ट्रक मालिक, ट्रैक्टर मालिक, गेहूं मालिक, सोसाइटी प्रबंधक, आपरेटर व अन्य के खिलाफ आइपीसी की धारा 420, 32, मंडी एक्ट, सोसाइटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
उधर, चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया ललितपुर के व्यापारियों का माल प्रतीत हो रहा है। वह समर्थन मूल्य का लाभ उठाने के लिए यहां माल लेकर आ रहे थे। यहां किसानों को बोनस भी दिया जाता है।
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कोविड- 19 के तहत जिले को 46 हजार क्विंटल चावल का आवंटन हुुआ है। इसमें पांच किलोग्राम चावल प्रति यूनिट मुफ्त दिया जा रहा है। गेहूं की आपूर्ति जनपद को नहीं हुई है। हर महीने जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा यूनीक कोड जारी किया जाता है। सागर जिले में पकड़े गए अनाज की बोरियों पर कोई कोड नहीं है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार हैं।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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किसी ट्रक को कोई भी पास जारी नहीं किया गया है। केवल यात्री बसों के लिए पास जारी किए जा रहे हैं। जिले के गेहूं स्टाक का मिलान किया जा रहा है।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी