पाली थाना परिसर में किशोरी के साथ थानाध्यक्ष द्वारा दुष्कर्म करने के मामले में एसआईटी ने आरोपी निलंबित थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज व एक आरोपी महिला को पॉक्सो न्यायालय से तीन दिन के कस्टडी रिमांड पर लिया है। बृहस्पतिवार को टीम के अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को पाली थाना ले जाकर घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाए।
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी के साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले में एक महिला के खिलाफ षड्यंत्र करने का मामला दर्ज किया गया था। थानाध्यक्ष पाली और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के साथ ही पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन के निर्देश पर बीते दिनों डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने एसआईटी का गठन भी कर दिया था, जिसमें एसपी सिटी झांसी, सीओ मोंठ एवं सीओ मड़ावरा केशवनाथ को शामिल किया गया। एसआईटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसआईटी के मुख्य जांच अधिकारी एसपी सिटी झांसी विवेक त्रिपाठी ने आरोपी निलंबित थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज एवं आरोपी महिला से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने और पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी रिमांड मांगी थी।
पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी तिलकधारी सरोज की 13 मई को सुबह नौ बजे से 15 मई को शाम पांच बजे तक की कस्टडी रिमांड स्वीकार कर ली। वहीं आरोपी महिला की 14 मई की एक दिन के लिए कस्टडी रिमांड स्वीकार की गई। इसमें न्यायालय द्वारा एक शर्त भी रखी गई कि यदि अभियुक्त इस दौरान अपने अधिवक्ता को साथ रखना चाहते हैं तो अनुमति दी जाती है, लेकिन अभियुक्त के अधिवक्ता सारी कार्रवाई को बारह फुट दूरी से देखेंगे और विवेचक के कार्य में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। रिमांड मिलने के बाद एसआईटी दोनों आरोपियों को लेकर पाली थाने पहुंची। वहां घटना से संबंधित स्थान दिखाकर साक्ष्य जुटाए गए और पूछताछ की गई।