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Lalitpur: हेलमेट न पहनने की लापरवाही पड़ रही भारी, डेढ़ माह में मासूम समेत 11 लोगों की हो चुकी है मौत

Tue, 10 Mar 2026 01:48 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर

सार

पुलिस की ओर से जागरुकता अभियान चलाने और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के चालान काटने के बाद भी लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। जिले के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर महीने औसतन 15 से 16 लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं।
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सड़क हादसा। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पुलिस विभाग लगातार यातायात नियमों को लेकर जागरुकता अभियान चला रहा है। बाइक चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। जिले में 25 जनवरी के बाद से अब तक चार बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें एक मासूम सहित 11 लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट के बाइक चलाते नजर आ रहे हैं।
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पुलिस की ओर से जागरुकता अभियान चलाने और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के चालान काटने के बाद भी लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। जिले के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर महीने औसतन 15 से 16 लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं। इनमें अधिकतर बाइक सवार होते हैं, जो हादसे के समय हेलमेट नहीं पहने होते। मेडिकल कॉलेज में हर महीने लगभग 50 से 60 लोग सड़क दुर्घटनाओं में सिर में गंभीर चोट (हेड इंजरी) के साथ पहुंचते हैं। इनमें कुछ की जान बच जाती है, जबकि कई लोग जिंदगी की जंग हार जाते हैं। अधिकांश मामलों में मृतकों ने हेलमेट नहीं पहना था। प्रभारी यातायात आलोक तिवारी ने बताया कि हेलमेट पहनने को लेकर लगातार जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाइक चलाते समय स्वयं भी हेलमेट पहनें और पीछे बैठने वाले को भी हेलमेट जरूर पहनाएं।

सुरक्षा का कवच है हेलमेट
हेलमेट दुर्घटना के समय सिर को गंभीर चोट से बचाता है।
हेलमेट में प्रयुक्त विशेष सामग्री सिर को किसी वस्तु से सीधे टकराने से रोकती है।
यह सिर और टकराने वाली वस्तु के बीच सुरक्षा कवच (बैरियर) का काम करता है।


25 जनवरी के बाद जिले में हुई प्रमुख सड़क दुर्घटनाएं
26 जनवरी : थाना जाखलौन क्षेत्र के ग्राम बरखेरा में राज्यमंत्री के पुत्र की कार ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में 18 वर्षीय शिवेंद्र की मौके पर और 20 वर्षीय अनुज की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 45 वर्षीय शंकर गंभीर रूप से घायल है।
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13 फरवरी : थाना बानपुर क्षेत्र के ग्राम गुगरवारा के पास तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में ग्राम तोर निवासी 27 वर्षीय देशपत, उसके पांच वर्षीय पुत्र कार्तिक और रिश्तेदार 21 वर्षीय रिंकू की मौत हो गई।

23 फरवरी : कस्बा मड़ावरा के पास स्लीपर बस ने बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक सवार आलोक, राजकुमार और जयदीप की मौत हो गई।

6 मार्च : थाना मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम साढूमल में ट्रैक्टर की टक्कर से ग्राम कलरव निवासी बृजेश और उसकी 11 वर्षीय पुत्री पूनम की मौत हो गई, जबकि पत्नी पूजा गंभीर रूप से घायल हो गई। बृजेश अपनी ससुराल ग्राम डोंगराखुर्द से भाईदूज मनाकर लौट रहे थे।
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