ललितपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार- प्रसार पर भले ही जोर दे रहे हों, लेकिन विभागाध्यक्ष इस मामले में उदासीन बने हुए हैं। इसकी बानगी ललितपुर महोत्सव है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी सरकारी विभागों ने यहां पर अपने स्टाल नहीं लगाए हैं, जिससे महोत्सव में पहुंच रहे दर्शक सरकारी योजनाओं से परिचित नहीं हो पा रहे हैं।
ललितपुर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ- साथ मनोरंजन व रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली वस्तुओं की दुकानें सजी हैं। विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों ने यहां अपने स्टाल लगाए हैं। जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने सभी सरकारी विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर महोत्सव में स्टाल लगाकर योजनाओं के प्रचार- प्रसार के निर्देश दिए थे। लेकिन, महोत्सव के छह दिन गुजर जाने के बाद भी सरकारी विभागों ने अपने स्टाल नहीं लगाए हैं। महोत्सव में सिर्फ वन विभाग एवं चिकित्सा विभाग का ही स्टाल दिखाई दे रहा है। लेकिन, इन स्टाल पर किसी कर्मचारी को नहीं बैठाया गया है, जिससे महोत्सव में पहुंच रहे दर्शकों को मन में उठ रहे सवालों का जवाब उन्हें नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में बीएसए एसपी यादव का कहना है कि स्टाल लगाने के लिए पहले ही निर्देश व धनराशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने महोत्सव में स्टाल नहीं लगाए जाने पर आश्चर्य जताया। वहीं, अन्य विभागों के अफसर इस मामले में मौन बने हैं।
कैसे पहुंचेेगा अंतिम व्यक्ति तक लाभ
शासन व प्रशासन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दे रहा है। लेकिन, जिस तरह विभागीय अफसर प्रचार- प्रसार में उदासीनता बरत रहे हैं, उससे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ कैसे पहुंचेगा? यह सवाल बना हुआ है।