थाना बानपुर क्षेत्र के ग्राम चिगलौआ में तीन वर्ष पूर्व शराब के लिए पैसे न देने पर भाभी की हत्या करने वाले देवर रामराजा उर्फ भज्जू को अदालत ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह की अदालत ने मामले को क्रूरतम हत्या मानते हुए तीन वर्ष के भीतर फैसला सुनाया।
थाना बानपुर के मोहल्ला सानियन निवासी वीर सिंह ने नौ फरवरी 2023 को पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसकी पत्नी वंदना अपने बेटे कृष के साथ घर पर थी, जबकि वह स्वयं चिगलौवा स्थित पावर प्लांट में ड्यूटी पर गया था। उसी घर में उसका छोटा भाई रामराजा उर्फ भज्जू अलग कमरे में रहता था। सुबह करीब 11 बजे रामराजा ने वंदना से शराब पीने के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से मना करने पर वह अपने कमरे से लकड़ी का खूंटा लेकर आया और वंदना पर हमला कर दिया। उस समय वंदना का बेटा कृष भी कमरे में मौजूद था। आरोपी ने खूंटे से वंदना के सिर पर कई वार किए, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ी। डर के कारण बच्चा आंगन में भागा और शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। इसके बावजूद आरोपी लगातार वंदना के सिर, चेहरे और मुंह पर वार करता रहा। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में वंदना को एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और दलीलों के आधार पर अदालत ने आरोपी रामराजा उर्फ भज्जू को दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से मृतका के पति, पुत्र और पुत्री को 10-10 हजार रुपये दिए जाएं।