व्यापारियों के मुताबिक, प्रशासनिक सहयोग मिलने से इस बार सीजन की शुरुआत में ही रैक लोडिंग शुरू हो गई। यही वजह है कि कम समय में पांच रैक भेजी जा सकीं। आने वाले दो माह में यह संख्या 50 तक पहुंचने की संभावना है।
जनपद का गेहूं अब दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचने लगा है। इस सीजन में अब तक पांच रैक गेहूं असम और दक्षिण भारत के राज्यों को भेजी जा चुकी हैं। वहीं, अगले दो माह में 50 रैक भेजने की तैयारी व्यापारियों ने शुरू कर दी है।
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गल्ला मंडी में इस बार गेहूं की आवक तेज रही है। अब तक 8,733 मीट्रिक टन (87,330 क्विंटल) गेहूं मंडी में पहुंच चुका है और आवक लगातार जारी है। बेहतर उत्पादन के चलते व्यापारियों ने बड़े स्तर पर खरीद शुरू कर दी है, जिसे रेलवे के जरिये अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है। न्यू ललितपुर टाउन रेलवे स्टेशन से लोड होकर गेहूं असम (गुवाहाटी) और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में पहुंच रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार स्थानीय स्तर पर ही किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे बाहर भेजने की रफ्तार भी बढ़ी है।
पहले एमपी जाता था, अब अन्य राज्यों से बढ़ी मांग
पिछले वर्षों में जनपद का अधिकांश गेहूं मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ चला जाता था, लेकिन इस बार असम और दक्षिण भारत में मांग बढ़ी है। साथ ही, सरकार की ओर से रैक लोडिंग पर कोई रोक नहीं होने और एमएसपी खरीद को लेकर सख्ती न होने से व्यापार को बढ़ावा मिला है।
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तेजी से बढ़ेगी सप्लाई
व्यापारियों के मुताबिक, प्रशासनिक सहयोग मिलने से इस बार सीजन की शुरुआत में ही रैक लोडिंग शुरू हो गई। यही वजह है कि कम समय में पांच रैक भेजी जा सकीं। आने वाले दो माह में यह संख्या 50 तक पहुंचने की संभावना है।
इस बार शुरुआत से ही रैक लोडिंग शुरू हो गई। अभी तक पांच रैक असम और दक्षिण भारत भेजी जा चुकी हैं। अगले दो माह में 50 रैक भेजने की योजना है। - राजेंद्र कुमार जैन, अध्यक्ष, बुंदेलखंड दाल मिल एसोसिएशन
न्यू टाउन रेलवे स्टेशन स्थित मालगोदाम से इस महीने अब तक गेहूं की पांच रैक लोड हुई हैं। अगले महीने भी और रैक लोड होने की संभावना है। - मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी