पूछताछ में सतीश ने बताया कि उसकी दोस्ती जेल में ज्ञानेंद्र ढाका से हुई थी। जेल से छूटने के बाद उसने अपने नाम से सिम खरीदी और वार्डर शिवराम निवासी बगवना, थाना घूरपुर, जनपद प्रयागराज को दी थी ताकि वह सिम ढाका तक पहुंचा सके।
जिला कारागार ललितपुर में बंद बागपत के शातिर अपराधी ज्ञानेंद्र ढाका तक मोबाइल की सिम पहुंचाने वाले जेल वार्डर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वार्डर ने सिम को गुटखे के पाउच में छिपाकर बंदी तक पहुंचाया था। पुलिस ने उसे शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
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जेल बंद रहे सतीश यादव के नाम है सिम
चार माह पहले प्रशासनिक आधार पर बागपत जेल से ललितपुर स्थानांतरित किए गए ज्ञानेंद्र ढाका पर जेल के भीतर से मोबाइल फोन के जरिए रंगदारी मांगने के आरोप लगे थे। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जब जेल में छापा मारा तो उसके पास मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए। इस पर प्रभारी जेल अधीक्षक/जेलर जीवन सिंह की तहरीर पर ज्ञानेंद्र ढाका के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मोबाइल और सिम जेल के भीतर कैसे पहुंचे, इसकी जांच कोतवाली पुलिस को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि जिस मोबाइल नंबर से रंगदारी मांगी जा रही थी, वह मोहल्ला तालाबपुरा निवासी सतीश यादव के नाम पंजीकृत था।
सतीश से जेल में हुई थी दोस्ती
पुलिस ने सतीश यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पूछताछ में सतीश ने बताया कि उसकी दोस्ती जेल में ज्ञानेंद्र ढाका से हुई थी। जेल से छूटने के बाद उसने अपने नाम से सिम खरीदी और वार्डर शिवराम निवासी बगवना, थाना घूरपुर, जनपद प्रयागराज को दी थी ताकि वह सिम ढाका तक पहुंचा सके। पुलिस ने शनिवार को वार्डर भैयाजी उर्फ शिवराम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
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बंदी तक पहुंचाने के लिए सिम को गुटखे के पाउच में छिपाकर भेजा
शिवराम ने स्वीकार किया कि उसने सिम को गुटखे के पाउच में छिपाकर ज्ञानेंद्र ढाका को दी थी। वह वर्ष 2022 में जिला कारागार ललितपुर में तैनात था। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि बंदी तक सिम पहुंचाने के आरोपी जेल वार्डर को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं जेलर रामनरेश गौतम ने कहा कि वार्डर के खिलाफ विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।