जिला गठन से पहले सीमित थे विषय और संस्थान , अब 126 हाईस्कूल-इंटर कॉलेज व 20 से अधिक महाविद्यालय संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एक मार्च 1974 को जिले के रूप में अस्तित्व में आए ललितपुर ने 52 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कभी जहां स्नातक स्तर पर केवल बीए, बीएससी और बीकॉम तक ही पढ़ाई सीमित थी, वहीं आज जनपद मेडिकल शिक्षा तक कदम बढ़ा चुका है।
जिला गठन से पूर्व जनपद में केवल दो महाविद्यालय और गिने-चुने हाईस्कूल व इंटर कॉलेज संचालित थे। परास्नातक या अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए छात्रों को दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता था। उस समय बालिकाओं की शिक्षा प्रायः कक्षा पांच या आठ तक ही सीमित रहती थी और साक्षरता दर लगभग 30 से 35 प्रतिशत के बीच थी।
अब 126 हाईस्कूल-इंटर कॉलेज, 20 से अधिक महाविद्यालय
वर्तमान में जनपद में 126 हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज संचालित हैं। इनमें आठ राजकीय इंटर कॉलेज, 31 राजकीय हाईस्कूल, 11 अशासकीय सहायता प्राप्त और 76 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा 20 से अधिक महाविद्यालय और करीब 30 निजी कॉलेज संचालित हो रहे हैं। अब एलएलबी सहित विभिन्न व्यावसायिक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की पढ़ाई भी जिले में उपलब्ध है, जिसके लिए पहले विद्यार्थियों को झांसी जैसे शहरों में जाना पड़ता था।
मेडिकल शिक्षा में आई नई क्रांति
शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव मेडिकल शिक्षा के रूप में सामने आया है। जिला चिकित्सालय को अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा का अवसर भी मिला है। साथ ही नर्सिंग कॉलेज की सुविधा भी जल्द शुरू होने जा रही है।
हवाई अड्डा परियोजना से बढ़ेंगी संभावनाएं
जनपद को हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में भी पहल शुरू हो चुकी है। प्रस्तावित हवाई अड्डा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सेना की भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद जिला हवाई संपर्क से जुड़ सकेगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।