ढाका को बागपत कोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के मामले में पेशी के लिए बागपत भेजा गया था। यहां पेशी होने के बाद शुक्रवार की रात कड़ी सुरक्षा के बीच उसे ललितपुर जेल लाया गया।
हत्यारोपी ज्ञानेंद्र ढाका को बागपत कोर्ट में पेशी करने के बाद शुक्रवार की रात को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में वापस लाकर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। यहां उसे तन्हाई बैरक में पुन: रखा गया है। बैरक में उसने खाना लेने से इंकार कर दिया।
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जेल से मांगी थी रंगदारी
ज्ञानेंद्र ढाका को चार माह पूर्व प्रशासनिक आधार पर जिला कारागार लाया गया था। तभी से वह जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा था। यहां 4 नवंबर को उसने जेल से फोन करके बागपत के कृष्णपाल राणा से रंगदारी मांगी थी। 5 नवंबर को बागपत के दोघट थाना में ज्ञानेंद्र ढाका के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जेल से रंगदारी मांगने पर मचे हडकंप के बाद 6 नवंबर को डीएम सत्यप्रकाश और एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने जेल में छापा मारा था। जिसमें ज्ञानेंद्र ढाका के पास से मोबाइल फोन मिला था। जिसके बाद लापरवाही बरतने पर जेलर, डिप्टी जेलर और जेल वार्डन को निलंबित कर दिया था और ज्ञानेंद्र ढाका के खिलाफ कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं ज्ञानेंद्र ढाका को जिला कारागार की तन्हाई बैरक में शिफ्ट कर दिया था।
प्रशासन रख रहा निगरानी
ज्ञानेंद्र ढाका की बागपत कोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के मामले में पेशी के लिए बागपत भेजा गया था। यहां पेशी होने के बाद शुक्रवार रात को कड़ी सुरक्षा के बीच ढाका को जिला कारागार लाया गया। यहां उसे वापस तन्हाई बैरक में भेज दिया गया। पेशी पर आने के बाद उसने खाना खाने से इंकार कर दिया। जेलर रामनरेश गौतम ने बताया कि बागपत में पेशी के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे वापस जिला कारागार लाया गया है। यहां उसे वापस तन्हाई बैरक में भेज दिया गया है। उसकी लगातार निगरानी की जा रही है।