बाल विवाह कराने के आरोप में पुलिस ने बालिका और बालक के माता-पिता समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। यह कार्रवाई चाइल्ड हेल्पलाइन के को-ऑर्डिनेटर और पर्यवेक्षक की शिकायत पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत की गई।
जनपद में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के निर्देशन में बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। साथ ही, कहीं से भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई कर विवाह रुकवाया जा रहा है। इसके बावजूद बाल विवाह का मामला सामने आने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल के निर्देश और बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजकुमार जैन व सदस्यों अर्चना सक्सेना, वासुदेव, रवि नारायण चौबे और प्रताप नारायण गोस्वामी की सहमति से चाइल्ड हेल्पलाइन के को-ऑर्डिनेटर अजय कुशवाहा तथा पर्यवेक्षक शुभम शुक्ला ने थाना बानपुर में शिकायत दर्ज कराई।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के थाना धुवारा क्षेत्र के ग्राम नयाखेड़ा निवासी चंद्रपाल ने तहरीर देकर बताया कि उन्होंने पांच मई को 1098 पर कॉल कर बाल विवाह की शिकायत की थी। मामले की जानकारी मिलने पर बाल कल्याण समिति ने बालिका और उसके माता-पिता को समझाया था। इसके बाद परिजनों ने समिति को शपथ पत्र देकर 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही बेटी का विवाह करने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद उन्होंने बालिका का विवाह करा दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बालिका के माता-पिता, लड़के के माता-पिता और एक सक्रिय सदस्य के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।