मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विगत अप्रैल माह में जनपद दौरे के दौरान स्थानीय गिन्नौट बाग में जनसभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की थी कि प्रस्ताव मिलते ही नगर पालिका सीमा का विस्तार कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा को पूरे सात माह बीत गए हैं और 12 दिसंबर को एक बार फिर मुख्यमंत्री के जनपद आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अब तक नगर की सीमा का विस्तार नहीं हो सका है। जबकि इस बीच प्रदेश के कई नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों का सीमा विस्तार हो चुका है।
करीब 40 वर्ष पूर्व वर्ष 1975 में नगर पालिका का गठन किया गया था, तभी से नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार नहीं किया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व नगर पालिका के अधिकारी विगत कुछ वर्षों से नगर की सीमा विस्तार के लिए प्रयास कर रहे हैं। 19 अप्रैल 2016 को सीमा विस्तार होने की उम्मीद स्थानीय लोगों में दिखाई दी थी, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद के दौरे के दौरान स्थानीय गिन्नौट बाग में जनसभा को संबोधित करते समय मंच से यह घोषणा की थी कि सीमा विस्तार का प्रस्ताव मिलते ही नगर पालिका का सीमा विस्तार कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक सीमा विस्तार होती हुई नजर नहीं आ रही है। नगर पालिका स्तर से सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है, केवल सचिवालय स्तर पर ही लेटलतीफी बरती जा रही है। यदि पिछले छह-सात माह में देखा जाए तो इस बीच प्रदेश की कई नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्रों का सीमा विस्तार हो चुका है।
सीमा विस्तार पर लग सकता है आचार संहिता का ग्रहण
नवंबर माह पूरा बीत गया है, यदि जल्द ही शासन की ओर से सीमा विस्तार पर गौर नहीं किया गया तो इस शासन काल में सीमा विस्तार हो पाना असंभव है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आने वाले दिनों में कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है। यदि जल्द ही शासन ने स्थानीय नगर पालिका की सीमा विस्तार में दिलचस्पी नहीं दिखाई तो सीमा विस्तार पर आचार संहिता का ग्रहण लग जाएगा और सीमा विस्तार का सपना सपान मात्र ही बनकर रह जाएगा।
नगर की सीमा विस्तार से हो सकेगा क्षेत्र का विकास
नगर पालिका की सीमा विस्तार होने से नगर की सीमा पर बस चुकी आबादी क्षेत्रों का विकास हो सकेगा। वहीं, पिछले एक-डेढ़ वर्ष से नगर पालिका जो आर्थिक स्थिति से जूझ रही है, सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका के वार्षिक बजट में भी बढ़ोत्तरी हो सकेगी। विगत कुछ वर्षों से ग्रामीण लोगों का पलायन शहर की ओर तेजी से हुआ है, नगर की सीमा के बाहर सस्ते दरों में जमीन खरीदकर लोगों ने कई मुहल्ले तक बसा लिए हैं। शहर के चारों ओर देवगढ़ मार्ग पर मुहल्ला जुगपुरा व महेशपुरा, राजघाट मार्ग पर पिसनारी बाग से सट कर बसी नई बस्ती, हरदीला मुहल्ला, झांसी मार्ग पर नवीन गल्ला मंडी के आगे तक बसी बस्ती और ग्राम पनारी तक घनी आबादी की बस्ती बस गई है। सीमा विस्तार के बाद इन नई बस्तियों में रहने वाले हजारों लोगों को मूलभूत सुविधाओं जैसे पक्की सड़क, पानी की निकासी के पक्की नाली, बिजली और शुद्घ पेयजल आदि सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी।
सीमा विस्तार के लिए शासन से मांगी गई सारी सूचनाएं व कागजी औपचारिकता पूर्ण कर ली गई है। सीमा विस्तार का मामला अब शासन स्तर पर ही लंबित पड़ा हुआ है, जैसे ही शासन से कोई निर्देश आते हैं, तो उन्हें भी पूर्ण कर लिया जाएगा। सीमा विस्तार कब तक हो सकेगा, इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ।