करकरावल जलप्रपात के पास लगाया गया चेतावनी बोर्ड।
- फोटो : संवाद
विकासखंड जखौरा के ग्राम वादरौन से निकलीं बेतवा नदी के प्रसिद्ध करकरावल जलप्रपात पर 19 मई को हुई घटना के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। अब जिला प्रशासन ने जलप्रपात क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए यहां पर चेतावनी बोर्ड लगाए हैं।
बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने एडीएम नमामि गंगे संजय मिश्रा और थाना जखौरा प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार बैस द्वारा करकरावल जलप्रपात क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगवाए गए, जिससे कि यहां आने वाले सैलानियों और स्थानीय लोग सावधानी बरत सकें। चेतावनी बोर्डों पर नदी के तेज बहाव, गहराई और फिसलन भरे पत्थरों के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी दी गई है। साथ ही लोगों से जलप्रपात क्षेत्र में अनावश्यक रूप से पानी के पास न जाने की अपील की गई है। एडीएम नमामि गंगे ने संबंधित कर्मचारियों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने, जिससे कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना दोबारा न हो इसके निर्देश दिए। साथ ही बताया कि बरसात के मौसम में बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने पर करकरावल जलप्रपात क्षेत्र काफी खतरनाक हो जाता है। कई बार पर्यटक रोमांच के चलते सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर देते हैं, जिससे हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जलप्रपात क्षेत्र में रोक लगाई गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। चेतावनी बोर्ड और प्रशासनिक सख्ती से अब लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में हादसों पर रोक लग सकेगी।