थाना मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम गोराकलां में डेढ़ माह पहले मारपीट में घायल हुए 32 वर्षीय रामश्याम की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार सुबह परिजन शव लेकर मड़ावरा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
भोपाल में इलाज के दौरान मौत
मृतक के चचेरे भाई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 2 मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे रामश्याम टैक्सी से डीजे साउंड सिस्टम का सामान लेकर जा रहा था। आरोप है कि तभी गांव के चार लोगों ने पीछे से आकर उसे गालियां दीं। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उसकी पिटाई कर दी और टैक्सी के शीशे भी तोड़ दिए। मारपीट में रामश्याम गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसे मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उसे सागर, नागपुर और फिर भोपाल लेकर गए। भोपाल में इलाज के दौरान 14 मई को उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
शुक्रवार को परिजन शव लेकर मड़ावरा थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि विपक्षी अब भी राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं और मना करने पर धमकी दे रहे हैं। मृतक के पिता बलबंत सिंह ने थाना पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। मृतक दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़ा था। उसके एक पुत्र और एक पुत्री हैं। वह टैक्सी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था।मड़ावरा थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व में दर्ज हुई थी रिपोर्ट
ग्राम गोराकलां निवासी रामश्याम ने 6 मार्च को थाने में तहरीर देकर बताया था कि 2 मार्च की शाम वह साउंड सिस्टम टैक्सी में लादकर जा रहा था। तभी गांव के रामपाल, जितेंद्र, राजेश और रच्चन ने उसे गालियां देते हुए लाठी-डंडों से पीटा और टैक्सी में तोड़फोड़ की। आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।