ललितपुर में सड़क पर घूमते कुत्ते।
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सड़कों पर निकलते समय सावधानी बरतें। कुत्तों के झुंड कभी भी हमला कर सकते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ जनपद में कुत्तों के काटने के मामलों में तेजी आई है। बुधवार को सदनशाह और मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में तीन घंटे के भीतर 14 लोगों को कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रतिदिन 12 से 15 नए मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। हर माह यह संख्या 400 के पार पहुंच रही है।
जनपद में भीषण गर्मी के चलते लोगों का जनजीवन प्रभावित है। गर्मी बढ़ने के साथ कुत्तों का व्यवहार भी आक्रामक हो गया है। आए दिन लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार बढ़ते मामलों से बच्चों और बड़ों में भय का माहौल है। स्थिति यह है कि लोग गलियों और सड़कों पर कुत्तों के झुंड देखकर रास्ता बदलने को मजबूर हो रहे हैं। बच्चों को अकेले आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 13 मरीज कुत्ते के काटने के बाद पंजीकरण कराकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कई बार लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। यही स्थिति ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बनी हुई है। प्रत्येक सीएचसी पर रोजाना आठ से 10 मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में कुत्ते अधिक आक्रामक हो जाते हैं और हमला कर लोगों को घायल कर देते हैं।
चार चरण में लगाए जाते हैं इंजेक्शन
कुत्ते के काटने पर मरीजों को एंटी रेबीज के चार इंजेक्शन लगाए जाते हैं। पहला इंजेक्शन घटना वाले दिन या अगले दिन लगाया जाता है। इसके बाद तीसरे, सातवें और 28वें दिन इंजेक्शन दिए जाते हैं।
डॉग शेल्टर होम का मामला ठंडे बस्ते में
शहर में लगातार बढ़ रहे कुत्तों के हमलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने डॉग शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए थे। शुरुआती दौर में नगर पालिका ने भूमि भी चिह्नित की थी, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। यही वजह है कि शहर की गलियों और सड़कों पर कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में कुत्ता काटने के मरीजों के आंकड़े
माह मरीजों की संख्या
फरवरी 450
मार्च 416
अप्रैल 440
14 मई तक 170
मेडिकल कॉलेज समेत सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर एंटी रैबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मरीजों का पंजीकरण कर क्रमवार इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ