ललितपुर। थाना नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोंगराकलां में घर की अटारी में एक महिला का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। ससुराल वालों ने इसे आत्महत्या बताया है, वहीं मायके पक्ष के लोगों ने ससुरालवालों पर दहेज के लिए हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने के आरोप लगाए हैं। वहीं मौके पर महिला की टूटी चूड़ियां भी पड़ी मिली हैं।
थाना नाराहट के अंतर्गत ग्राम डोंगराकलां निवासी किरन कुशवाहा (20) पत्नी पवन कुशवाहा बृहस्पतिवार को दोपहर में घर में ही थी। घर पर उसकी एक वर्ष की बेटी भी थी, अन्य परिजन गांव से दो किलोमीटर दूर एक मंदिर में पूजन करने के लिए गए थे। दोपहर करीब तीन बजे पड़ोस के एक लड़के को किरन की बेटी के रोने की आवाज आई तो उसने जाकर देखा कि कमरे में बेटी रो रही थी, जबकि अटारी में किरन का शव रस्सी से लकड़ी पर लटका हुआ था। यह देख उसने आसपास के लोगों को घटना बताई और पूजन करने गए परिजनों को सूचना दी, जिस पर परिजन तत्काल घर पहुंच गए और किरन को फंदे से उतारकर देखा, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
उन्होंने घटना की जानकारी थाना नाराहट पुलिस को दी, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के चचेरे जेठ मोतीलाल कुशवाहा ने बताया कि किरन चार-पांच दिन पहले ही मायके से आई थी। उसे कुछ ऊपरी या मानसिक समस्या थी, जिसके चलते परिजनों ने उसका कई जगह उपचार कराया, लेकिन उसे कोई लाभ नहीं मिला और अब उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
वहीं मृतका के पिता मनोहर ने नाराहट थाने को तहरीर देकर बताया कि ससुराल वाले उसकी बेटी को पैसों की मांग की खातिर परेशान करते रहते थे। 23 जून को उसकी बेटी का फोन आया था कि उसे मायके लिवा ले जाओ, ससुराल वाले उससे मारपीट कर रहे हैं। जिस पर उसका बेटा बृजेंद्र अपनी बहन किरन को लेने गया और बहन को भेजने की बात की तो वह लोग उसके सामने ही किरन से मारपीट करने लगे और उसे गाली गलौज कर घर से भगा दिया। इसके बाद अगले दिन 24 जून को उसे सूचना मिली कि उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। जब वह वहां पहुंचे तो फांसी का फंदा लगा था और किरन का शव नीचे पड़ा था। उसकी चूड़ियां टूटी थीं, जो झाड़कर एक साइड में कर दी गई थीं। पीड़ित पिता ने नाराहट थाना पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।