ललितपुर। मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए श्रम बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दो अक्तूबर को समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की खुली बैठकें आयोजित की जाएगी। इस बजट में कृषि कार्यों को वरीयता के साथ शामिल किया जाएगा। इस संबंध में सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।
श्रमिकों के पलायन को रोकने के उद्देश्य से चलाई जा रही मनरेगा में एक लाख नब्बे हजार आठ सौ बत्तीस जॉब कार्ड धारक पंजीकृत हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में पंद्रह हजार छह सौ इक्कीस नए जॉब कार्ड बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ा गया। वित्तीय वर्ष में एक अरब चौबीस करोड़ रुपये श्रम पर खर्च किए जाने हैं, अब आगामी वित्तीय वर्ष के श्रम बजट की तैयारी शुरू गई है। सीडीओ अनिल कुमार पांडेय ने इस प्रक्रिया को अपनाने के लिए समय सारणी निर्धारित की है। दो अक्तूबर को समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की खुली बैठकें आयोजित की जाएगी। तीन अक्तूबर से 30 नवंबर तक ग्राम सभा की खुली बैठकें आयोजित करके मनरेगा श्रम बजट तैयार किया जाएगा। श्रम बजट में ग्राम पंचायत/क्षेत्र पंचायत/जिला पंचायत एवं अन्य कार्यदायी विभाग द्वारा कराए जाने वाले समस्त कार्य सम्मिलित रहेंगे। पांच दिसंबर तक ग्राम पंचायत द्वारा तैयार किए गए श्रम बजट को विकासखंड में प्रस्तुत किया जाएगा। 20 दिसंबर तक विकासखंड द्वारा श्रम बजट को क्षेत्र पंचायत में स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। 19 जनवरी तक विकासखंड द्वारा क्षेत्र पंचायत पंचायत से अनुमोदित किए गए श्रम बजट को जिला कार्यक्रम समन्वयक/जिलाधिकारी को स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।
इन्हेें मिलेगी प्राथमिकता
श्रम बजट में कृषि को बढ़ावा देने वाले कार्य एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों का सर्जन को बल देने वाले कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। इनमें परती भूमि या बंजर भूमि का विकास, कृषि, उद्यान, रेशम, पौधरोपण, कुक्कुट आश्रय, बकरी आश्रय, सुकर आश्रय, मत्स्य पालन, वर्मी कंपोस्ट, सोक पिट निर्माण के कार्य को शामिल किया जाएगा । 2 अक्टूबर को ग्राम पंचायतों में खुली बैठकों का आयोजन करने के निर्देश सीडीओ अनिल कुमार पांडेय ने बीडीओ को दिए हैं।