ललितपुर। सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को परखने के लिए राज्यस्तरीय दो सदस्यीय टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित विद्यालयों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य सहित अन्य बिंदुओं का जायजा लिया। कमियां पाए जाने पर सुधार करने के निर्देश दिए।
राज्य स्तरीय दो सदस्यीय टीम मनोज कुमार अहिरवार सहायक शिक्षा निदेशक एससीईआरटी लखनऊ व सतीश कुमार विशेषज्ञ निर्माण कार्य राज्य परियोजना दो दिवसीय जनपद दौरे पर आए। यहां टीम ने ब्लॉक तालबेहट अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तरगुवां का निरीक्षण किया। इसमें पंजीकृत सौ छात्राओं के सापेक्ष 69 उपस्थित मिली। टीम ने यहां पर छात्राओं का शैक्षिक स्तर जाना, अभिलेखों, साफ सफाई, भोजन की गुणवत्ता, विद्यालय में उपलब्ध कराई जाने वाली दैनिक सामग्री का निरीक्षण किया। शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, शौचालय, विद्यालय परिसर में साफ-सफाई करने के निर्देश दिए।
इसके बाद टीम ने राजकीय हाईस्कूल निवाई, कंपोजिट विद्यालय ऐरावनी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय खितवांस, पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय पड़वां, प्राथमिक विद्यालय नईबस्ती पड़वां, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महिरौनी का निरीक्षण किया। इसमें विद्यालयों में कराए जा रहे कायाकल्प सहित अन्य कार्य और विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण कर समीक्षा की। टीम को विद्यालयों में संचालित कार्यक्रमों की प्रगति संतोषजनक मिली। शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए। टीम ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) का निरीक्षण किया। इसमें डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए नव निर्मित कक्षा-कक्षों, ऑडिटोरियम हॉल काे देखा। प्रशिक्षणों के अभिलेखों को देखा और जानकारी हासिल की।
मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों के अवकाश व एरियर की जानकारी ली
राज्य स्तरीय टीम ने ब्लॉक संसाधन केंद्र जखौरा में मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों की ओर से सीएल, सीसीएल, मेडिकल एवं प्रसूति अवकाश और एरियर से संबंधित जानकारी ली, जो कि संतोषजनक पाई गई।
पीपीटी के माध्यम से देखी जिले की प्रगति, निपुण जनपद बनाने की दिलाई शपथ
राजकीय इंटर कॉलेज में राज्यस्तरीय टीम ने डीआईओएस ओमप्रकाश सिंह, बीएसए हरिकेश यादव, जीआईसी प्रधानाचार्य धमेंद्र कुमार, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरपी, एआरपी, सभी जिला समन्वयक के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें पीपीटी के माध्यम से जिले की प्रगति को प्रस्तुत किया गया। यहां विभिन्न विद्यालयों के निरीक्षण में मिली कमियों को दूर करने और निपुण भारत मिशन के तहत जिले को मार्च-2025 तक निपुण जिला बनाने के लिए सभी को शपथ दिलाई गई।