मड़ावरा/ बिरधा/ महरौनी/ पाली/ ललितपुर। भारतीय किसान यूनियन ने डीजल व पेट्रोल के बढ़ते दामों के विरोध में व किसानों की समस्याओं को लेकर तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि डीजल व पेट्रोल के बढ़े दामों को वापस नहीं लिया गया तो वे सड़कों पर उतरकर आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह यादव ने आरोप लगाया कि देश में डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, जिसका सीधा असर सार्वजनिक परिवहन, माल भाड़े व किसानों पर पड़ रहा है। डीजल, पेट्रोल पर एक्साईज ड्यूटी घटाकर अधिकतम दस रुपये लीटर लगाई जाए। पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। किसान सम्मान निधि की राशि को छह हजार रुपये से बढ़ाकर 24 हजार रुपये करने, मंडियों में हो रही लूट को रोकने, पिछले एक साल तक के कर्ज माफ करने, कांट्रेक्ट फार्मिग अध्यादेश व प्रस्तावित विद्युत संशोधन अधिनियम को वापस लेने, किसान ऋण मोचन योजना के अंतर्गत पात्र लंबित प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करने व निजी नलकूप के संयोजन को नियमित कर फिर तीन माह का समय देने की मांग की है।
पाली में तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, महरौनी तहसील में तहसील अध्यक्ष गिन्नी राजा, तहसील मड़ावरा में तहसील अध्यक्ष धन सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांग पत्र प्रशासनिक अफसरों को सौपे गए। इस मौके पर प्रदेश सचिव लाखन सिंह पटेल, पहाड़ सिंह यादव, सौरव माथुर, राजू राजा, मन्ने राजा, बारेलाल, राजपाल यादव, मलखान सिंह यादव, राजू राजा, रामदवे, भुल्लू, धनीराम , एसडीएम पाली को सौंपे ज्ञापन पर शब्बीर खा मंसूरी, नंदकिशोर कुशवाहा, रामकुमार साहू, शिवलाल, बाबूलाल, भूषण तिवारी, मुकेश कुशवाहा, वीरेंद्र सिंह यादव, सोनपाल सिंह, रविंद्र सिंह, रमाशंकर, लखनलाल कुशवाहा, शिवकुमार बंगरिया, रामस्वरूप उमरिया, मड़ावरा में सुखराम पटैल, कमलकांत झा, प्रकाश नारायण पाल, आशाराम, भरत सिंह, गोरेलाल, मुलायम सिंह, बृजलाल, जयराम पटेल मौजूद रहे।