गांवों के किसान अपने खेतों में गेहू के डंठलों में आग लगाने से बाज नहीं आ रहे। इससे न केवल जमीन की उर्वराशकित कमजोर हो रही है, बल्कि खेतों के आसपास ले आम और महुआ के पेड़ झुलस गए हैं। गांव के लेखपालों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा बार- बार मना करने के बाद भी किसान खेतों में आग लगाने से मान नहीं रहे हैं। जबकि, किसानों को भी जानकारी है की खेतो में आग लगाने से खेतों में अगली फसल की पैदावार कम हो जाती है, क्योंकि आग लगाने से खेतों में जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। फसलों की कटाई और हार्वेस्टिंग के बाद जो अवशेष खेतो में बचे हैं, किसान उनको जलाकर गर्मियों की जुताई शुरू कर रहे हैं। लेकिन, आग लगाने से खेतों के आसपास लगे फलदार हरे पेड़ आम, जामुन, महुआ आदि पेड़ झुलसकर सूखने की स्थिति में आ गए हैं। साथ ही गांवों का पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्राम अर्जुनखिरिया, बनयाना, महाराजपुरा, बछरई, डोंगरा खुर्द, धौलापुरा, गदौरा, देनपुरा, मुड़िया, तरावली, बरेजा आदि गांवों के किसान निश्चिंत हैं। कुछ किसान तो ऐसे हैं, जो अपने खेतो में आग नहीं लगाना चाहते, लेकिन बगल वाले ने अपने खेत में आग लगाई और हवा के साथ उसके खेत में पहुंचकर दूसरे खेत के डंठल भी जल गए। ऐसे किसानों ने संबंधित अधिकारियों से खेतो में आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। ---------------- खेत के पास वाले किसी किसान ने आग लगाई। वह बढ़ते हुए मेरे खेत तक पहुंच गई। खेत के डंठलों के साथ तीन- चार पेड़ भी झुलस गए। - सुजान सिंह पटेल ---------------- मुझे अपने खेतों में आग नहीं लगानी थी। लेकिन, किसी किसान ने अपने खेत में आग लगाई और उसी समय तेज हवा से मेरे खेत के डंठल भी जल गए। - कृपाराम पाठक ------------- गांव में आकर जांच करेंगे। जिन किसानों ने खेतों में आग लगाई है, उनकी सूची बनाकर आगे कार्रवाई के लिए भेजेंगे। - विनय कुमार, लेखपाल अर्जुनखिरिया -------------- खेतों में फसलों के अवशेष जलाए जाने का मामला संज्ञान में आया है। संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर कार्रवाई कराई जाएगी। - संतोष कुमार सविता उप कृषि निदेशक -------------- यह है जुर्माना जिन किसानों के पास दो एकड़ जमीन है, उनसे ढाई हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ तक वाले किसानों से पांच हजार रुपये व पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों से पंद्रह हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। जरूरत हुई तो रिपोर्ट दर्ज भी कराई जाएगी। -------