शोर मचाकर टिड्डी दल को भगाते युवक व बच्चे
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ललितपुर। मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों से जनपदों में लगातार आ रहे टिड्डी दल ने खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के अशोक नगर एक और शिवपुरी जिले से आए दो टिड्डी दलों ने जिले में कई स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचाया। अशोक नगर से आए टिड्डी दल ने विकासखंड जखौरा के ग्राम कारीटोरन में नुकसान किया।
जिले में मध्यप्रदेश की सीमाओं से लगातार टिड्डी दल आ रहा है। अब तक खेतों में फसल नहीं होने से कोई नुकसान नहीं हो रहा था, लेकिन मानसून आने के बाद किसानों ने खरीफ की बुवाई कर दी है, जो खेतों में उग आई है। टिड्डी दल ने खेतों में नुकसान शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के अशोक नगर से आया टिड्डी दल ब्लाक जखौरा के ग्राम बसुंवा से जिले की सीमा में प्रवेश किया। जहां से खरीफ की फसल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन किसानों व कृषि विभाग की जागरूकता से नीचे नहीं उतर सके। यह टिड्डी दल बांसी होते हुए ग्राम इमलिया व कारीटोरन में पहुंचा। यहां पर किसानों की उड़द, सोयाबीन, मक्का को नुकसान पहुंचाया। यहां पर पूरे खेत में टिड्डी ही नजर आईं। किसान कुछ समझ पाते तब तक फसलों को नुकसान पहुंचा दिया। यहां से टिड्डी दल मध्यप्रदेश के मोहनगढ़ से टीकमगढ़ में प्रवेश कर गया। दो टिड्डी दल शिवपुरी से जिले की सीमा में तालबेहट में प्रवेश कर गए, जहां से बार होते हुए मोहनगढ़ पहुंच गए। इसी तरह तीसरा दल ग्राम तेरईफाटक में नजर आया है। जहां से निबाड़ी जिला में प्रवेश कर गया।
कृषि विभाग ने रसायन का छिड़काव कर मारी टिड्डियां
मध्यप्रदेश की सीमाओं से आ रहे टिड्डी दल को लेकर कृषि विभाग अलर्ट बना हुआ है। बुधवार को जिला अशोक नगर से आए टिड्डी दल ने ग्राम कालापहाड़ से होकर दैलवारा व शहर से ग्राम बुढ़वार होते हुए गनगौरा पहुंचा। जहां पर शाम होने के बाद कृषि विभाग ने रसायन छिड़काव की तैयारी की, इसके लिए फायर बिग्रेड की टीमों को बुलाया। शाम होते ही टीम ने रसायन का छिड़काव शुरू कर दिया। देर रात्रि तक चले ऑपरेशन के बाद टिड्डी दल को लगभग 70 प्रतिशत नष्ट कर दिया। शेष टिड्डी दल मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में प्रवेश कर गया। हालांकि, चार बार ऑपरेशन होने के बाद भी टिड्डी दल के आने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है।
टिड्डी दल के से कृषि विभाग लगातार अर्लट बना हुआ है। लगातार पीछा कर किसानों की मदद से भगा दिया जाता है। शाम को सीमा में होने पर रसायन का छिड़काव कर नष्ट किया जाता है।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी