ललितपुर। यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदेय स्थलों पर चल रही तैयारियों की सतत निगरानी अब मोबाइल एपलिकेशन से होगी। निर्वाचन आयोग से एनआईसी की मदद से एप विकसित किया गया है। जिस पर पोलिंग बूथ की मौके से ही फोटो अपलोड की जा रही है। इस तरह फेक सूचनाओं की संभावनाएं न के बराबर हो गई हैं।
यूपी विधानसभा के चुनाव अगले वर्ष संभावित हैं, जिसे ध्यान में रखकर पोलिंग बूथ को मूलभूत सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें बिजली, पानी, टेलीफोन, शौचालय, फर्नीचर, रैंप आदि शामिल हैं। बीते दिनों इनकी समीक्षा कर संबंधित अफसरों को पोलिंग बूथों पर व्याप्त कमियों को दूर करने के लिए निर्देशित किया गया। वहीं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन की विभिन्न गतिविधियों को दृष्टिगत रखकर एनआईसी के सहयोग से एक एनड्रायड ऐप विकसित कराया है। इस पर प्रत्येक पोलिंग स्टेशन की लोकेशन के लैट-लांग्स और पोलिंग स्टेशन पर उपलब्ध एएमएफ की फोटो खींचकर मोबाइल फोन द्वारा सर्वर पर अपलोड की जानी हैं।
यह ऐप सर्वर से कनेक्ट होकर पासवर्ड का उपयोग करते हुए प्रत्येक विधानसभा के सभी पोलिंग स्टेशन को मोबाइल सेट में डाउनलोड करती है जबकि आफलाइन मोड में प्रत्येक पोलिंग बूथ के लैट-लाग्स और एएमएफ के फोटो खींचकर मोबाइल सेट में स्टोर करती है। इस तरह पोलिंग बूथ की निगरानी आसान हो गई है। उधर, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमेश चंद्र राय ने जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में 15 अक्तूबर तक फोटो व लैट-लॉग्स की सूचना अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में गत दिवस बीएसए कार्यालय में संकुल प्रभारियों को फोटो खींचने व उसे अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया गया।
डीएम ने जताई नाराजगी
उपजिला निर्वाचन अधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि डीएम के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं से संबंधित फोटो खींचकर उपलब्ध करवाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके बाद भी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित फोटो अभी तक अप्राप्त हैं। जिस पर डीएम ने अपनी नाराजी प्रकट की है। उन्होंने फोटो कंप्यूटर आपरेटरों से फीड करवाते हुए डीएम को अवगत कराने के लिए बीएसए से कहा है।