ललितपुर। नगर के विभिन्न स्थानों पर गरीबों के लिए बनाई गई कालोनियों में पाइप लाइनों का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। महीनों से मोटरें खराब होने के बाद भी सुधरवाने का काम नहीं किया है। इससे गरीबों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के सात स्थानों पर गरीबों के लिए कांशीराम आवास कालोनियों का निर्माण किया गया है। इन कालोनियों में दो हजार से अधिक गरीब लोग निवास करते चले आ रहे हैं। खिरकापुरा, नारायणपुरा, सुरई घाट, गोविंदनगर, राजकीय महाविद्यालय, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के पास बनी कालोनियों में पेयजल के लिए पानी की टंकियों का निर्माण किया गया। वहीं साफ- सफाई के लिए डस्ट बिन लगवाए गए। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया। कुछ कालोनियों में निर्माण के समय ही पानी की टंकी बना दी गई और कई कालोनियों में सालों बाद निर्माण किया गया। लाखों की लागत से बनी पानी की टंकियों को सीडब्ल्यूआर व पाइप लाइनों से जोड़ा गया। लेकिन, खिरकापुरा कालोनी के पास बनी पानी की टंकी को भरने वाली एक हार्स पावर की मोटर लंबे समय से खराब चली आ रही है।
नारायणपुरा कालोनी में तो यह मोटर भी लगाने का काम नहीं किया गया है। सुरईघाट कालोनी स्थित पानी की टंकी को भरने वाली मोटर खराब हैं। गोविंदनगर कालोनी की एक मोटर 6 माह से खराब चली आ रही है। इसको विभाग ने सुधरवा तो दिया, लेकिन लगाने का काम नहीं किया गया है। इससे कालोनी के पास बनी टंकियां नहीं भर पा रही हैं। इसका खामियाजा गरीबों को भुगतना पड़ रहा है। उनको चार मंजिला नीचे उतरकर पानी भरना पड़ रहा है। कई कालोनी वासियों के आरोप हैं कि पानी टंकी के स्थान पर सीधे पहुंचाने का काम हो रहा है। निचले स्तर के लोगों को कनेक्शन दे दिए गए, जिससे ऊपर पानी पहुंचना नामुमकिन है। उन्होंने कनेक्शन न देकर पानी की टंकी भरवाने की मांग की है।
अलग-अलग जिम्मेदारियां पड़ रही भारी
कालोनी के पास बनी पानी की टंकी व सीडब्ल्यूआर का निर्माण जल निगम की कार्यदायी संस्था सिविल शाखा ने किया। परियोजना निदेशक की देखरेख में सालों पहले काम पूर्ण कर दिया गया। बोरिंग के साथ मोटर लगाने का काम जल निगम की यांत्रिकी शाखा को दिया गया। साथ ही पानी पहुंचाने का काम जल संस्थान को दिया गया। यांत्रिकी शाखा व जल संस्थान के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते गरीबों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नारायणपुरा को जाने वाली पाइप लाइन को तो लंबे समय बाद जोड़ा नहीं जा सका है। कांशीराम आवास कालोनियों में पानी पहुंचाने के लिए दी गई अलग-अलग जिम्मेदारियां भारी पड़ रही हैं। कोई धनाभाव बता रहा है तो कई जिम्मेदार काम करना ही नहीं चाहते हैं।
खिरकापुरा के पास सीडब्ल्यूआर को जोड़ने वाली पाइप लाइन की खराबी को दूर करने का काम किया जा रहा है, लेकिन पानी की मोटर खराब होने के कारण गरीबों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पानी की मोटर डलवाने या सुधरवाने की जिम्मेदारी दूसरे विभाग की है।
लालजीत, परियोजना निदेशक जल निगम
खिरकापुरा सहित अन्य कालोनियों में लगी मोटरें का पिछले पांच साल से मेंटेनेंस का काम करवा रहा हूं, लेकिन अब तक मेंटेनेंस का पैसा नहीं मिला है। मेंटेनेंस के लिए कोई धनराशि नहीं है। कोई धनराशि दिलवाए तो काम आगे बढ़े।
यशवीर सिंह, अधिशासी अभियंता