ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहर के मोहल्ला चौबयाना में 14 दिन पहले हिस्ट्रीशीटर कंचू राजा की पत्थरों से सिर कुचलकर उसके ही एक भाई और दूसरे भाई के पुत्र (भतीजे) ने मिलकर हत्या की थी। अपर पुलिस अधीक्षक ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कंचू राजा का अपने भाइयों से जमीन जायदाद बेचने और संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। इसके चलते भाई और भतीजे ने खुद के ही भाई की हत्या की है।
अपर पुलिस अधीक्षक गिरजेश कुमार ने हिस्ट्रीशीटर की हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि बीते एक फरवरी की सुबह मोहल्ला चौबयाना में कंचू राजा का शव उसके ही घर में रक्त रंजित अवस्था में पड़ा मिला था। इसके लिए पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने एसओजी, कोतवाली पुलिस व चौकी प्रभारी की टीम को लगाया गया था। घटना की छानबीन में पता चला कि मृतक कंचू राजा एक हिस्ट्रीशीटर था और उसका अपने भाई टिल्लू से मकान खाली करने और संपत्ति के बंटवारे को लेकर भतीजे बुद्ध सिंह के साथ झगड़ा करता था। मृतक शराब पीकर अपनी जायदाद बेच रहा था, जिससे उसका भाई टिल्लू राजा व दूसरे भाई के पुत्र बुद्ध सिंह काफी नाराज रहते थे। मृतक के घर की तलाशी लेने पर कई प्रार्थना पत्र मिले, जिसमें मृतक ने जमीनी विवाद के चलते बुद्ध सिंह एवं टिल्लू राजा द्वारा उसकी हत्या की संभावना व्यक्त की थी। 31 जनवरी की रात्रि में जब कंचू राजा अपने घर में अकेले सो रहा था, तब हरनाम सिंह उर्फ टिल्लू राजा व उसका भतीजा बुद्ध सिंह ने ईंट से कुचलकर हत्या कर दी। बुद्ध सिंह की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ईंट भी बरामद की गई। मुखबिर से सूचना मिली कि कंचूू राजा ने एक कुत्ता पाल रखा था, जो घर में आने वाले अजनबियों को देखकर भौंकता था, जिसके चलते घटना से पूर्व बुद्ध सिंह ने उस कुत्ते को पकड़कर अपने घर के कमरे में बंद कर दिया था। रविवार को दोपहर 12.55 बजे एसओजी व कोतवाली टीम ने संयुक्त रूप से छापामारी करके दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हत्यारे भाई, भतीजे पर भी दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
कंचू राजा हत्याकांड में पकड़े गए दोनों भाई व भतीजे के खिलाफ भी पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। बुद्ध सिंह पर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जान से मारने के प्रयास, लूट, चोरी व मारपीट के पांच मामले दर्ज हैं। जबकि भाई टिल्लू राजा उर्फ हरनाम सिंह पर आबकारी अधिनियम, जान से मारने के प्रयास, हत्या, एनडीपीएस एक्ट और मारपीट के कुल छह मामले पहले से दर्ज हैं।
टीम में रहे यह शामिल
हत्याकांड में शामिल अपराधियों को पकड़ने में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला, निरीक्षक वीरेंद्र पटेल, एसओजी प्रभारी जितेंद्र सिंह चंदेल, सदर चौकी प्रभारी सतीश कुशवाहा, उपनिरीक्षक बिजेंद्र राठी, एसओजी टीम से शत्रुंजय सिंह, देवेंद्र कुमार, अरुण त्रिपाठी, अमित पाठक, तेज प्रताप, संजीव शर्मा, अवधेश यादव, प्रदीप कुमार व अर्पित गुप्ता शामिल रहे।
खुद को निर्दोष बताता रहा भतीजा
पुलिस लाइन में जब खुलासा करने के दौरान दोनों आरोपियों को लाया गया, तो आरोपी भतीजा बुद्ध सिंह मीडिया के सामने खुद को निर्दोष कहकर झूठा फंसाने की बात कहता रहा।