ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अजय पाल सिंह की अदालत ने करीब एक वर्ष पूर्व थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम बरौदा बिजलौन में दहेज की खातिर बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने व दहेज हत्या और दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दोषी पाते हुए सास-ससुर को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने बताया पिछले 13 नवंबर 2017 को थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम रघुनाथपुरा निवासी कल्लू पुत्र लक्ष्मन प्रजापति ने पुलिस को एक तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी पुत्री देवा की शादी थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम बरौदा बिजलौन निवासी दीपचंद पुत्र राजू प्रजाति के साथ 2015 में की थी। शादी के लगभग चार माह बाद से ही पुत्री केे ससुर राजू प्रजापति व सास शोभारानी आए दिन दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करने लगे। 11 नवंबर 2107 को दिन में करीब तीन बजे उसकी पुत्री ने अपनी ससुराल में ही साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर दी थी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने सास शोभारानी व ससुर राजू प्रजापति को जेल भेज दिया और पुलिस ने दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे।
शनिवार को अपर जिला और सत्र न्यायाधीश ने उक्त मामले में सुनवाई करते हुए सास शोभारानी व ससुर राजू प्रजापित को दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं दहेज के लिए प्रताड़ित करने की धारा 498 के तहत दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष व एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।