जाखलौन पंप केनाल संचालन के विद्युत विभाग द्वारा पुख्ता इंतजाम नहीं है। महीनों से खराब पड़ी 33 केवी की अतिरिक्त हाइटेंशन अंडरग्राउंड केबल नहीं बदली जा सकी है। ऐसे में चार्ज हाइटेंशन केबल यदि बर्स्ट हो जाती है, तो पंप केनाल का संचालन भी प्रभावित हो सकता है।
रोंड़ा हाइडिल से जाखलौन पंप केनाल स्थित विद्युत सब स्टेशन तक 33 केवी विद्युत हाइटेंशन विद्युत लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है। वहीं, सिलगन स्थित रेलवे लाइन निकलने के कारण जेपीसी के लिए 33 केवी की दो हाइटेंशन केबलें भी बिछाई गई हैं। इसमें से एक केबल करीब एक वर्ष पूर्व बर्स्ट हो गई थी, जिस पर विद्युत विभाग के अवर अभियंता द्वारा इसके लिए करीब साढ़े चार लाख रुपये का स्टीमेट भी बनाकर आला अधिकारियों को भेजा चुका है, लेकिन विभाग द्वारा अब तक उक्त स्टीमेट को मंजूरी नहीं मिल सकने के कारण यह अतिरिक्त हाइटेंशन केबल को नहीं बदला जा सका है। जबकि जाखलौन पंप केनाल से नहर का संचालन शुरू होने जा रहा है।
ऐसे में यदि चार्ज पहली केबल भी बर्स्ट या खराब हो जाती है, तो जाखलौन पंप केनाल संचालन को बिजली मुहैया कराना मुश्किल हो जाएगा और नहर संचालन प्रभावित होने से किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी चरमरा जाएगी। अवर अभियंता अरविंद पाखरे का कहना है कि उन्होंने आला अधिकारियों को केबल बदलने के लिए स्टीमेट भेज दिया है। स्टीमेट को मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
हालांकि जाखलौन पंप केनाल पर विद्युत विभाग द्वारा खास नजर रखी जा रही है और 24 घंटा बिजली आपूर्ति को लाइनों के दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन अिरिक्त हाइटेंशन केबल बदलना भी सिंचाई के समय में बहुत आवश्यक हो गया है। यदि यह केबल भी खराब होती है, तो जेपीसी की बिजली भी कई घंटे या फिर कई दिनों के लिए गुुल हो जाएगी, जो विभाग के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।