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जिला कारागार में क्षमता से ढाई गुना अधिक बंदी हैं निरुद्घ

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ललितपुर। करीब 160 साल पुराने जिला कारागार में क्षमता से ढाई गुना अधिक कैदी और बंदी बंद हैं। इनमें विचाराधीन बंदियों के साथ ही हत्या, लूट व दुष्कर्म जैसे मामलों के सजायाफ्ता अपराधियों को रखा गया है। इस जेल में कुख्यात मुख्तार अंसारी से जुड़े से अपराधी भी निरुद्ध रहे चुके हैं, वर्तमान में खान मुबारक भी कारागार में है, जिसके लिए जिला जेल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है।
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ब्रिटिश हुकूमत के दौरान वर्ष 1861 में बनाई गई जिला कारागार में 120 कैदियों के लिए दो बैरक थी, जबकि एक वर्ष पहले दो नई बैरिक 60 बंदियों के लिए और बना दी गई हैं। अब जिला कारागार में कुल 180 बंदियों को रखने की क्षमता है। जेल प्रशासन के मुताबिक बैरकों में 150 पुुुरुष और 30 महिला बंदियों की क्षमता है जबकि वर्तमान में सिद्ध दोष 92 पुरुष और नौ महिला कैदी बंद हैं। इसके अलावा विचाराधीन बंदियों में 349 पुरुष एवं 21 महिलाओं के अलावा 18 से 21 वर्ष के 12 किशोर बंदी यहां निरुद्ध हैं। इस प्रकार जिला कारागार में कुल 453 पुरुष एवं 30 महिलाएं यानि कुल 483 बंदी हैं। जबकि कारागार में दोनों बैरकों में कुल 180 बंदियों रखने की क्षमता है। निर्धारित संख्या से ढाई गुना बंदी जेल में होने से जेल प्रशासन को दिक्कतें हो रही, वहीं सीमित संसाधनों में व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा। बंदियों की निगरानी व सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और पुलिस बल लगाया गया है।
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जिला कारागार में खान मुबारक की होती है दिन में तीन बार जांच
जिला कारागार में यूपी का कुख्यात अपराधी खान मुबारक इन दिनों जिला कारागार में सजा काट रहा है। उसे कारागार में अलग बैरिक में रखा गया है और उसकी दिन में तीन बार जांच होती है। एक बार जांच के बाद दूसरी बार जांच करने के लिए अधिकारी और कर्मचारियों को बदल दिया जाता है। हर बार जांच में अलग अधिकारी व कर्मचारी होते हैं। उससे न तो अलग से कोई अधिकारी व कर्मचारी मिल सकता है और न ही किसी बंदी को उससे मिलने दिया जाता है।
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जिला कारागार में 180 बंदियों की क्षमता है और यहां वर्तमान में लगभग पौने पांच सौ बंदी निरुद्ध चल रहे हैं। एक वर्ष पहले साठ बंदियों की क्षमता की दो बैरिक बनवाई गई हैं, जिनमें बंदियों को शिफ्ट किया जा चुका है। बाकी प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे गए हैं। एक गंभीर अपराध में शामिल अपराधी भी है, जिसे अलग बैरिक में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।
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सुरेश कुमार, उपकारापाल, जिला कारागार।
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