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डा. सरोज 25 को लेंगी जैनेश्वरी दीक्षा

Wed, 11 Nov 2015 12:21 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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ललितपुर। वैराग्य के पथ पर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने डा. सरोज मोदी की विनौली यात्रा निकाली। इस दौरान गोद भराई की रस्म अदा की गई। डा. मोदी सोनागिर में आचार्य ज्ञान सागर से 25 नवंबर को जैनेश्वरी दीक्षा प्राप्त करेंगी।
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श्री बड़ा जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में जैन पंचायत की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मीना इमलया ने कहा कि वैराग्य के पथ पर जब चलते हैं तो आनंद की अनुभूति होती है। डा. सरोज मोदी, जो विगत 10 वर्षों से जैनेश्वरी दीक्षा के भाव संजोए थीं, उनकी मनोकामना पूर्ण होगी। वह पवित्र भूमि सोनागिर, जहां से सैकड़ों मुनि मोक्ष को गए, वहां की पावन भूमि पर वह 25 नवंबर को जैनेश्वरी दीक्षा लेंगी। ललितपुर के श्रेष्ठी सुशीला बाई- हुकुमचंद कामरा के परिवार में जन्मी डा. सरोज ने जीवन के साठ बसंत पार करने के उपरांत सांसारिक जीवन से हटकर सिद्ध क्षेत्र सोनागिर में विराजमान आचार्यश्री ज्ञान सागर महाराज के चरणों में वंदना की। इसके बाद वह विभिन्न तीर्थ क्षेत्रों में गईं और बाद में आर्यिकारत्न पूर्णमति माताजी से समाधि पूर्वक मोक्ष मार्ग हेतु साधना के लिए आशीर्वाद लिया।



इस मौके पर कामरा परिवार के आवास से विनौली यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं वैराग्य के गीत गाते हुए चल रही थीं। अटा मंदिर होते हुए यात्रा नए मंदिर से बड़ा मंदिर पहुंची, जहां विनोद कामरा, देवेंद्र कामरा, राकेश कामरा, सुनील कामरा, जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, डा. अक्षय टडैया, ज्ञानचंद इमलिया, मुकेश सराफ, प्रदीप सतरवांस, वीरेंद्र प्रेस, अजित जैन गदयाना, पार्षद पंकज जैन, राजेंद्र जैन थनवारा, अक्षय अलया, मनोज जैन बबीना, मुकेश भायजी, उत्तम चंद राकेश, काशीराम विलौआ, सुनील जमादार, नरेंद्र जैन गदयाना, देवकुमार चौधरी, साकेत जैन, अजय जैन, पार्षद अनुराग जैन शैलू, अरविंद जैन, हिमांशु, पवन कुमार लालू, राजकुमार जैन, अमित जैन, पूर्व प्राचार्य अजय जैन, सनत जैन, कुशल चंद जैन, निर्मल जैन, रामप्रकाश जैन, निर्मल जैन, इंद्रा, विजया जैन, शशि कामरा, साधना जैन, निर्मला पांडे, वीणा जैन, रानी पारौल आदि ने गोदभराई की रस्म पूरी की।
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जीव दया के बगैर धर्म नहीं
ललितपुर। श्री क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते आर्यिका पूर्णमति माताजी ने कहा कि जीव दया ही सच्चा धर्म है। दीवाली का पर्व पकवान बनाने-खाने के लिए नहीं, बल्कि अंतरमन में ज्ञान के दीप जलाने का संदेश देता है। पटाखा चलाने से असंख्यात जीवों की हिंसा होती है और अनेक जीवों के दीपक बुझ जाते हैं। उन्होंने धर्म के संस्कार जीवन में जगाकर पटाखा नहीं चलाने की प्रेरणा दी। धर्मसभा में श्रावक श्रेष्ठी वीरेंद्र कुमार वैभव किसलवांस रहे। इस मौके पर समयसार की गाथाएं वाचन करने पर मुकेश जैन पाली, अक्षय जैन, मनीष समैया व अमित प्रिय जैन को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। जैन पंचायत के महामंत्री डा. अक्षय टडैया ने बताया कि भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक 11 नवंबर को प्रात: 5 बजे से जैन मंदिरों में मनाया जाएगा। मुख्य आयोजन सुबह आठ बजे से श्री क्षेत्रपाल मंदिर में होगा।
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