शहर की सीमाओं पर यातायात पुलिस व सिविल पुलिस कर्मियों की तैनाती के बावजूद भी ग्रामीण अंचलों से आने वाले सवारी वाहनों का शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश होना बंद नहीं हो रहा है। जिससे शहर में पहले की तरह जाम की समस्या बरकरार बनी हुई है। वहीं, यातायात पुलिस भी कार्रवाई के नाम पर मात्र एक-दो वाहनों का चालान काटकर खानापूर्ति कर रही है।
बीते वर्ष शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में वन-वे प्रणाली लागू होने के बाद यहां पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक सामान्य हो गई है। वर्तमान में ट्रैफिक की सबसे ज्यादा समस्या आजाद चौक से लेकर मवेशी बाजार तक और जेल चौराहे से लेकर इलाइट चौराहे तक है। इन दोनों रास्तों में बीच में सकरे पुलिस भी पड़ते हैं जिन्हें पार करके ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सवारी वाहन शहर में प्रवेश करती हैं और सड़कों पर ही वाहन खड़े करके सवारियों का इंतजार करने से जाम की समस्या पैदा हो जाती है। वैसे भी इन सकरे पुलों के कारण हमेशा ही ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम बिरधा, पाली, घटवार, जिजयावन की ओर चलने वाले सवारी वाहन कैलगुवां तिराहे से होते हुए शहजाद नदी के पुल के दोनों ओर मुख्य मार्ग पर खड़ी हो जाती है। जबकि कैलगुंवा तिराहे पर पूरे दिन यातायात पुलिस कर्मी की तैनाती होने के बाद भी वाहन चालक नदी का पुल पर करके इस ओर आ जाते हैं और सड़कों पर वाहन खड़े कर देते हैं। इसी तरह ग्राम राजघाट, जखौरा, बांसी व बार मार्गों पर चलने वाले वाहन इलाइट चौराहे से होते हुए ब्याना नाला पार करके जेल चौराहे व पानी की टंकी के पास मुख्य मार्ग पर खड़े हो जाते हैं। दिन में तेज धूप होने के कारण दोपहर के समय ट्रैफिक की स्थिति तो सामान्य रहती है, लेकिन शाम होते ही समस्या जटिल हो जाती है।
जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते एसआई
इस संबंध में जब भी यातायात प्रभारी उप निरीक्षक नासिर अली से बात की जाती है तो समस्या का स्थाई समाधान निकालने की जगह कार्रवाई का हवाला देते हैं। उनका कहना होता है कि शहर में प्रवेश करने वाले ग्रामीण सवारी गाड़ियों के चालान किए जा रहे हैं। और पूरा दिन बीतने के बाद शाम के समय दो-तीन का चालान काटकर अपना पलला झाड़ लेते हैं। मंगलवार की शाम करीब साढ़े छह बजे उनसे बात की तो उन्होंने बताया कि कैलगुवां तिराहे पर चेकिंग अभियान जारी है और चालान किए जा रहे हैं। जब उनसे चालान की संख्या पूंछी तो उन्होंने बताया कि अभी वह वहां पहुंचे ही है, चालान काटना अभी शुरू नहीं हुआ है।
यदि यातायात पुलिस व प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले सवारी वाहनों के लिए स्टैंड बनवाने को जगह की मांग करते है, तो जगह उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश की जाएगी। लेकिन हाल ही में उनके पास ऐसी कोई मांग नहीं आई है।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ललितपुर।