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Lalitpur News: अन्न के लिए जल और जमीन दोनों बचाना जरूरी

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तालबेहट (ललितपुर)। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बीमार जमीन अन्न नहीं दे सकती, इसलिए हमें जल और जमीन दोनों को बचाना है। वह बुधवार को हजारिया महादेव मंदिर परिसर में चल रही जल कथा के दौरान बोल रहे थे।
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कृषि मंत्री ने कहा कि जल सहेलियों ने गांव-गांव जागरुकता फैलाकर जो कार्य किया है, वह प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि जल केवल मानव ही नहीं, जीव-जंतुओं और धरती की सेहत के लिए भी आवश्यक है। हमारा शरीर पंचतत्वों से बना है, जिनमें जल व वायु अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना होगा। उन्होंने रासायनिक खेती पर चिंता जताते हुए जैविक खेती की आवश्यकता पर जोर दिया।
जल सहेली फाउंडेशन के संस्थापक संजय सिंह ने कहा, यह केवल एक कथा का समापन नहीं, बल्कि जल संरक्षण की यात्रा की निरंतरता है। यह जल कथा बुंदेलखंड में जल चेतना को निरंतर प्रसारित करती रहेगी। नगर पंचायत के अध्यक्ष पुनीत सिंह परिहार ने कहा कि जल कथा से लोगों में जल के प्रति जागरुकता बढ़ी है। जल सहेलियों के श्रमदान से मानसरोवर तालाब की सूरत बदल गई है। इस दौरान सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, भाजपा नेता अनिल वैद्य, समाजसेवी मोहम्मद नईम, समाजसेविका निशा कंचन, सचिन पाटिल, बालक योगी, सिद्धगोपाल परमार्थ आदि मौजूद रहे।
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जलकथा संपन्न, वरुण यज्ञ में पूर्णाहुति अर्पित की :
कथा व्यास साध्वी सरिता गिरि ने जल के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि सोनभद्र के एक गांव के लोगों ने मिलकर अपने गांव को पानीदार बना दिया। उन्होंने वरुण देव की कथा का वर्णन किया। कहा कि कैसे उन्होंने अपने ही पुत्र भृगु की परीक्षा ली, जब भृगु ने उनसे भ्रम तत्व को जानने की जिज्ञासा की। वरुण यज्ञ में पूर्णाहुति अर्पित कर पर्यावरण सिद्धि की कामना की गई। समापन पर श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
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जल सखियों के कार्यों से बदली गावों की तस्वीर : संजय सिंह
परमार्थ संस्था के सचिव संजय सिंह ने जल सहेलियों के नेतृत्व में बुंदेलखंड को पानीदार बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल सहेलियों ने अपने कार्यों से न केवल जन-जागरुकता फैलाई, बल्कि गांवों की तस्वीर भी बदली। कथा के अंतिम दिन कृषि विभाग द्वारा कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें कृषि विभाग, परमार्थ संस्था, एनआरएलएम और अटल भूजल योजना द्वारा स्टॉल लगाए गए।
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