ललितपुर। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम और भ्रूण जांच को लेकर डीएम ने दिशा-निर्देश दिए।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम और पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत गठित कमेटी की बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता डीएम डा. रुपेश कुमार ने की। सीएमओ डा. सतेंद्र कुमार ने बताया कि जननी सुरक्षा कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और ड्राप बैक कार्यक्रम को लेकर संबधित नोडल अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाले नसबंदी शिविरों को लेकर डीएम ने निर्देश दिया कि किसी भी हालत में एक कैंप में 30 से ज्यादा ऑपरेशन नहीं किए जाएंगे।
वहीं, पीसीपीएनडीटी कमेटी की बैठक में बताया गया कि मंडल में जनपद का लिंगानुपात सबसे ज्यादा है। यह पूर्व के 882 की अपेक्षा 905 है। प्यारी बिटिया वेबसाइट पर अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों द्वारा अपलोड किए गए फॉर्म एफ की समीक्षा की गई। समीक्षा में बताया गया कि अर्चित अल्ट्रासाउंड ने 620, एचबीएम हॉस्पिटल ने 748, जिला महिला
चिकित्सालय ने 1,558, शिव अल्ट्रासाउंड ने 1,593, जीवन ज्योति अल्ट्रासाउंड ने 122, चरक अल्ट्रासाउंड ने 231 व अग्निहोत्री अल्ट्रासाउंड ने 485 फॉर्मों को अपलोड किया है। जिलाधिकारी ने अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालकों को निर्देशित किया कि किसी भी सेंटर पर भ्रूण जांच की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही ऐसे संचालकों के विरुद्ध सीधे सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा, जिससे न तो राजीनामा हो सके और न ही आरोपी को जमानत मिल सके।
इसी तरह राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गठित जिला स्तरीय कोओर्डिनेशन कमेटी की बैठक में प्रजेंटेशन के माध्यम से कोटपा एक्ट- 2003 की जानकारी दी गई। कमेटी के सचिव डा. सतेंद्र कुमार ने बताया कि सभी विभागों को तंबाकू नियंत्रण के लिए निर्देशित किया गया है।
कमेटी के विभिन्न कार्यालयों में विभागाध्यक्षों को जर्माने की बुकलेट व एक चालान की बुकलेट दी गई है। इसका मकसद सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वाले लोगों पर दो सौ रुपए तक का जुर्माना लगाए जा सके। बैठक में सीडीओ अरुण उपाध्याय, डीडीओ देवेंद्र प्रताप, डा. डी सी दोहरे, डा. मुकेश चंद दुबे, डा. एस के वासवानी, डा. हरेंद्र चौहान आदि उपस्थित रहे।