ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के नाम पर पैसों की मांग करने और लेने के आरोपों पर जिलाधिकारी की ओर से बिठाई गई जांच पूर्ण हो गई है। अधिकारियों की दो सदस्यीय टीम ने जांच पूर्ण कर जिला प्रशासन को सौंप दी है। मामले में अब संभावना जताई जा रही है, जल्द ही कोई कठोर कदम उठाया जाएगा। जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद महिला अस्पताल कर्मियों में खलबली मची हुई है। हालांकि अब आगामी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
जिला महिला अस्पताल में प्रसव के नाम पर लगातार पैसे लेने की शिकायत मिल रही थीं। 16 अप्रैल को शहर निवासी एक व्यक्ति अपनी बहू के प्रसव के लिए आए थे। जहां पर प्रसव के नाम पर 5500 रुपये की मांग करने के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद, एक संगठन ने भी जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। प्रसव के नाम पर मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए एक जांच कराई गई थी। इसमें जिला अस्पताल में छह माह तक के प्रसव की सूची मांग की गई थी।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जांच के लिए दो अधिकारियों की टीम गठित की गई थी। इसमें अपर उपजिलाधिकारी श्रीराम और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार को जांच दी गई थी। टीम ने जांच में कइयों के बयान लिए और जानकारी जुटाते हुए। जांच पूर्ण कर इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। अब इसमें कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद जिला अस्पताल के चिकित्सक समेत अन्य स्टाफ सकते हैं। अब इस मामले में जिला प्रशासन के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा है।
जांच शुरू होते ही कर दिए थे सीजर बंद
जिला महिला अस्पताल की जांच शुरू होने के साथ ही अस्पताल प्रशासन ने पैसे लेने पर रोक लगा दी थी। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि पैसे लेने का मामला संज्ञान में आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने सीजर प्रसव बंद कर दिए थे। स्थिति यह थी कि 16 अप्रैल से 21 अप्रैल तक सीजर प्रसव ठप रहे। इसकी गवाही अस्पताल का सूना पड़ा सर्जिकल वार्ड स्वयं ही दे रहा था। इसके बाद समाचार प्रकाशित होन पर सीजर प्रसव शुरू हो गए थे।
वर्जन
जिला अस्पताल में प्रसव के नाम पर पैसे लेने के मामले की जांच की गई थी। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत कर दी गई है। - डॉ. वीरेंद्र सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी