ललितपुर। विभागीय अफसरों ने अमान्य विद्यालयों के खिलाफ नजरें टेढ़ी कर ली हैं। बीएसए ने अमान्य स्कूलों के प्रबंधकों को तत्काल कक्षाएं बंद करने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में आबादी के हिसाब से मान्यता प्राप्त स्कूल कम होने की वजह से अमान्य विद्यालयों का कारोबार खूब फलीभूत हो रहा है। प्रबंधक न केवल अभिभावकों से फीस के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं बल्कि नामांकित बच्चों का भविष्य खराब करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष में शासन ने ऐसे स्कूलों को बंद करने का मन भी बनाया था। इस दौरान आधा सैकड़ा अमान्य विद्यालय चिह्नित किए थे। इनमें से गिनती के स्कूल विभागीय कार्रवाई से डरे। अधिकतर स्कूलों ने अपना कारोबार जारी रखा।
इस शैक्षिक सत्र में आधा सैकड़ा अमान्य स्कूल बेखौफ होकर संचालित हो रहे हैं। कोई प्राइमरी की मान्यता पर जूनियर स्तर की कक्षाएं तो कोई जूनियर हाईस्कूल की मान्यता पर दसवी की कक्षाओं का संचालन कर रहा है। इतना ही नहीं, कई स्कूल तो बिना मान्यता के चल रहे हैं। इधर, डोंगराखुर्द संवाददाता के मुताबिक ग्राम0 में एक अमान्य विद्यालय चल रहा है, जिसके पास न तो मानक अनुरूप भवन है और न ही योग्य शिक्षक। बारिश के समय भवन की छत से पानी टपकता है। इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार शिकायती पत्र संबंधित अफसरों को दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी, जिससे उसके हौसले बुलंद हैं।
नहीं हो सकी कमी पूरी
इस वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में विभाग ने 30 प्राथमिक एवं 10 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को खोलने के लिए धनराशि की मांग की थी। लेकिन, शासन ने इसे अस्वीकार कर दिया है। इसका अनुचित फायदा अमान्य विद्यालयों के प्रबंधक गांव-गांव में अमान्य स्कूल खोलकर उठा रहे हैं।
इसी माह में अमान्य स्कूलों के खिलाफ छापामार अभियान चलाया जाएगा। जो अभी कक्षाएं चला रहे हैं, उन्हें तत्काल बंद करने के लिए कहा गया है, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार राय
बीएसए ललितपुर।