दैलवारा (ललितपुर)। भारतीय किसान संघ के बैनरतले किसानों ने फसल बीमा, बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि से नुकसान व सिंचाई के पानी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया है।
इस दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सिंचाई के अभाव में अधिकांश खेतों में बुवाई नहीं हो सकी है, जिससे किसान दाने-दाने के लिए मोहताज हो गया है। किसानों ने जाम भी लगाया। बाद में तहसीलदार के आश्वासन पर मान गए।
किसान संघ के प्रांतीय महामंत्री केहर सिंह बुंदेला ने आरोप लगाते हुए कहा कि गत वर्ष ओलावृष्टि व बे-मौसम बरसात और उसके बाद सूखे ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है।
जिले के 750 ग्रामों में राहत राशि का वितरण होना था, लेकिन दस महीने बीतने के बाद 250 ग्रामों में ही राहत राशि का वितरण हो पाया है। किसानों को फसल बीमा की राशि नहीं मिल पा रही है। अधिकांश किसान सिंचाई और आर्थिक संकट के कारण रबी की फसल की बुवाई नहीं कर पाए हैं। कुछ किसानों ने किसी तरह खेतों में फसल की बुवाई की तो अब उसके सामने सिंचाई का संकट गहरा गया है।
कई एकड़ भूमि में खड़ी फसल सिंचाई के अभाव में पीली पड़ रही है। न तो विद्युत की सुचारु आपूर्ति और न ही जाखलौन पंप के केनाल के सभी पंप चलाए जा रहे हैं।
इसकी वजह जाखलौन पंप केनाल का पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। विशेषकर ग्राम दैलवारा, खुरा, जैरवारा, रसोई, अमरपुर, अंधियारी आदि माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिले में करीब डेढ़ सैकड़ा ट्यूबवेल लगे हुए हैं, लेकिन पर्याप्त बिजली के अभाव में बंद पड़े हैं।
राजघाट बांध की ऊपरी नहर से जुड़े किसान भी सिंचाई के लिए परेशान हैं। कई ग्रामों में तालाब, बंधी, चेकडैम और पोखर सूख गए हैं। तमाम किसान मदद के अभाव में भूखों मरने की कगार पर हैं। उन्होंने जाखलौन पंप केनाल नहर के पंप 24 घंटे चलाने की मांग की।
बाद में तहसीलदार सदर अवधेश निगम ने मौके पर पहुंचकर किसानों का मांग पत्र लिया व समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
प्रदर्शन में हरिओम सिंह, हुकुम प्रताप सिंह, फूल सिंह, नाथूराम लोधी, नवीन जैन थनवारा, अवधेश प्रताप सिंह, पप्पू, हरपाल सिंह, दीपक सक्सेना, लक्ष्मीनारायण, घनश्याम, भजनलाल, रतीराम बरार, मनीराम, रामपाल सिंह, अजय विश्वकर्मा, संतोष कुशवाहा, भगवत, गोपाल, रामबक्स, खुशीलाल, शोभाराम अहिरवार, लक्ष्मीनारायण झा, कोमल सिंह, गंगाराम, छोटेराजा, रामकुमार, ऋषिपाल, कोमलचंद रजक, दयालीराम, बसंती, श्याम, प्रताप सिंह, छोटेराजा, फूलचंद कुशवाहा आदि शामिल रहे।